Header Image

महिला आरक्षण बिल पर PM मोदी का विपक्ष को सियासी संदेश

महिला आरक्षण बिल पर PM मोदी का विपक्ष को सियासी संदेश

Last Updated Apr - 16 - 2026, 05:47 PM | Source : Fela News

लोकसभा में पीएम मोदी ने महिला आरक्षण बिल पर सभी दलों से समर्थन मांगा, कहा यह महिलाओं का अधिकार है, सियासत नहीं; दशकों की देरी खत्म कर अब इसे लागू करना जरूरी है.
महिला आरक्षण बिल पर PM मोदी का विपक्ष को सियासी संदेश
महिला आरक्षण बिल पर PM मोदी का विपक्ष को सियासी संदेश

लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पर बहस के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष को सीधा संदेश देते हुए कहा कि इस मुद्दे को राजनीति के तराजू पर न तौला जाए, बल्कि देशहित में मिलकर फैसला लिया जाए। उन्होंने साफ किया कि यह महिलाओं का अधिकार है, कोई एहसान नहीं।

विपक्ष से सीधी अपील: समर्थन दें या क्रेडिट लें

पीएम मोदी ने सभी दलों से विधेयक का समर्थन करने की अपील करते हुए कहा कि अगर विपक्ष इसका विरोध करता है तो उन्हें सियासी फायदा हो सकता है, लेकिन अगर सभी साथ आते हैं तो वह खुद विपक्ष को पूरा क्रेडिट देने को तैयार हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि वे सभी नेताओं की तस्वीरों के साथ धन्यवाद विज्ञापन देने को भी तैयार हैं।

‘यह महिलाओं का हक है, एहसान नहीं’

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की नारी शक्ति को कुछ देने का भ्रम नहीं पालना चाहिए। यह उनका अधिकार है, जिसे दशकों से रोका गया। उन्होंने इसे एक तरह का “प्रायश्चित” बताते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि इस ऐतिहासिक गलती को सुधारा जाए।

‘भारत का सांस्कृतिक कमिटमेंट’

पीएम मोदी ने महिला आरक्षण को भारत की सांस्कृतिक प्रतिबद्धता बताते हुए कहा कि लोकतंत्र की जननी होने के नाते यह कदम जरूरी है। उन्होंने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल का अनुभव साझा करते हुए कहा कि संवेदनशील मुद्दों पर मजबूत इरादा ही सही समाधान देता है।

हर राज्य के साथ न्याय का भरोसा

उन्होंने स्पष्ट किया कि इस विधेयक के लागू होने की प्रक्रिया में किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं होगा। सीटों के बढ़ोतरी और परिसीमन में पहले के अनुपात को ही आधार बनाया जाएगा, ताकि संतुलन बना रहे।

‘गारंटी भी, वादा भी’

पीएम मोदी ने सदन में कहा कि अगर जरूरत पड़े तो वे गारंटी देने को भी तैयार हैं और वादा करने को भी, क्योंकि उनका इरादा साफ है। उन्होंने कहा कि जब नीयत स्पष्ट हो तो शब्दों से खेलने की जरूरत नहीं होती।

राजनीति से ऊपर उठने की अपील

प्रधानमंत्री ने कहा कि 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया था और इसे राजनीतिक रंग नहीं दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि अब इसे और कितने समय तक टाला जाएगा और सभी दलों से इसे जल्द लागू करने की अपील की।

2029 से पहले फैसला जरूरी

पीएम मोदी ने कहा कि देश के पास अब समय है और 2029 तक इस विधेयक को लागू करना जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अब भी देरी हुई, तो हालात और जटिल हो सकते हैं। उन्होंने दोहराया कि यह फैसला देशहित में है, न कि किसी राजनीतिक लाभ के लिए।

यह भी पढ़े 

दो पड़ोसन, गर्लफ्रेंड-दुल्हन टकराईं, दूल्हे की गलती से मेहंदी में हंगामा

Share :

Trending this week

21 मई से दिल्ली-NCR में ऑटो-टैक्सी चालकों की तीन दिन हड़ताल

May - 19 - 2026

दिल्ली-एनसीआर में अगले सप्ताह ट्रांसपोर्ट व्यवस्था बु... Read More

आवारा कुत्तों पर SC सख्त

May - 19 - 2026

आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार... Read More

नॉर्वे में PM मोदी पर सवाल पड़ते ही भड़का विदेश मंत्रालय

May - 19 - 2026

PM Narendra Modi Norway Visit: नॉर्वे दौरे के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi की प... Read More