Last Updated Nov - 18 - 2025, 03:57 PM | Source : Fela News
महाराष्ट्र की राजनीति में खलबली मच गई है। कैबिनेट बैठक से शिंदे गुट के कई मंत्रियों की गैरहाजिरी ने BJP–शिंदे रिश्तों में खटास के संकेत दिए, सत्ता संतुलन पर सवा
महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर हलचल में है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और बीजेपी के बीच बढ़ती दूरी की चर्चाएँ तब तेज़ हो गईं जब कैबिनेट की अहम बैठक में शिवसेना (शिंदे गुट) के कई मंत्री शामिल नहीं हुए। इस अनुपस्थिति ने राज्य की सत्ता संतुलन पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, पिछले कुछ हफ्तों से दोनों दलों के बीच कई मुद्दों पर मतभेद गहराते दिख रहे थे, चाहे वो सीट बंटवारे की बातचीत हो या सरकार के कामकाज को लेकर अंदरूनी असहमति। कैबिनेट बैठक में गैर-हाज़िरी को राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। इससे यह अटकलें और तेज़ हो गई हैं कि क्या गठबंधन में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा।
दिल्ली में संसदीय सत्र और आने वाले स्थानीय चुनावों को देखते हुए बीजेपी चाहती है कि सरकार में तालमेल मजबूत रहे, वहीं शिंदे गुट अपने संगठन को दोबारा खड़ा करने में व्यस्त है और कई फैसलों में अपने अधिक योगदान की मांग कर रहा है। दोनों पक्षों की चुप्पी ने स्थिति को और उलझा दिया है।
महाराष्ट्र की राजनीति में ऐसे संकेत अक्सर बड़े बदलावों की ओर इशारा करते हैं। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह केवल अस्थायी नाराज़गी है, या वाकई सत्ता समीकरणों में कोई बड़ी दरार पड़ रही है।
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