Last Updated Nov - 26 - 2025, 05:30 PM | Source : Fela News
रायसेन में बच्ची से रेप के बाद प्रदर्शन हिंसा में बदला, पत्थरबाज़ी से सामाजिक तनाव बढ़ा।
मध्यप्रदेश के रायसेन में छह साल की बच्ची के साथ हुए कथित रेप की घटना के बाद गुस्साए लोगों ने सामुदायिक घरों पर पथराव कर दिया, जिससे न केवल सुरक्षात्मक संकट बना बल्कि सामाजिक ताने-बाने पर गहरी दरार भी दिखी।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए और आरोपितों के खिलाफ प्रदर्शन किया। लेकिन यह गुस्सा केवल न्याय की मांग तक सीमित नहीं रहा, प्रदर्शनकारियों ने उसी समुदाय के घरों को निशाना बना लिया जिसे उन्होंने आरोपितों के साथ जोड़कर देखा। पथराव की यह कार्रवाई खुद में एक अलग सामाजिक तनाव का दस्तावेज बन गई।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने जल्द ही स्थिति को काबू में करने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बनी रही, जिससे कई परिवारों में डर का माहौल फैल गया। घायल या क्षति का कोई आधिकारिक आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है, लेकिन प्रभावित परिवारों के लिए यह घटना शर्मनाक और चिंताजनक रही।
मामले ने न केवल कानूनी मोर्चे पर सवाल खड़े कर दिए हैं बल्कि धार्मिक और सांप्रदायिक सह-अस्तित्व पर भी सवालिया निशान लगा दिया है। लोगों को न्याय चाहिए, लेकिन हिंसा और पथराव से कहीं न कहीं सामाजिक एकता कमजोर हुई है।
यह घटना यह याद दिलाती है कि संवेदनशील अपराधों के बाद भी हमें संयम और संवेदनशीलता के साथ प्रतिक्रिया करनी चाहिए। असल न्याय कोर्ट और कानून के रास्ते से होना चाहिए, न कि भीड़ की हिंसा और प्रतिशोध के रूप में।
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