Last Updated Feb - 21 - 2026, 11:57 AM | Source : Fela News
एकनाथ शिंदे से मुलाकात के बाद राज ठाकरे ने राजनीतिक अटकलों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विकास और राज्य के मुद्दों पर किसी भी नेता से मिलना जरूरी है।
महाराष्ट्र की राजनीति में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मुलाकात बाद सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस मुलाकात को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन अब राज ठाकरे ने खुद सामने आकर इन चर्चाओं पर स्पष्ट प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ कहा कि नेताओं के बीच मुलाकात को केवल राजनीति के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि राज्य के विकास और जनता के मुद्दों पर संवाद जरूरी है।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान राज ठाकरे ने कहा कि चुनाव समाप्त हो चुके हैं और अब राज्य के सामने कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, जिन पर मिलकर काम करना जरूरी है। उन्होंने कहा, "हर बार दो नेताओं की मुलाकात में राजनीति क्यों खोजी जाती है? अगर हमें सकारात्मक और अच्छे काम करने हैं, तो बातचीत जरूरी है। मैं कल मुख्यमंत्री से भी मिल सकता हूं, क्योंकि राज्य के कई अहम मुद्दे हैं जिन पर चर्चा करना आवश्यक है।"
राज ठाकरे ने इस दौरान महाराष्ट्र के शहरों में बढ़ती जनसंख्या और ट्रैफिक की समस्या पर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि शहरों का बुनियादी ढांचा तेजी से बढ़ती आबादी के दबाव में कमजोर पड़ रहा है। सड़कें वही हैं, लेकिन वाहनों की संख्या कई गुना बढ़ चुकी है। पार्किंग की उचित व्यवस्था होने के बावजूद लोग सड़कों पर वाहन खड़े कर देते हैं, जिससे ट्रैफिक जाम और अव्यवस्था की समस्या और बढ़ जाती है।
उन्होंने यह भी कहा कि शहरों में आने वाले लोग वापस नहीं जाते, जिससे शहरी व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से इस विषय पर चर्चा करने की बात कही और बताया कि उन्होंने इस संबंध में अधिकारियों को फोन कर स्थिति की जानकारी दी है। उन्होंने ओला और उबर जैसी सेवाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि इन सेवाओं में भी पार्किंग और यातायात नियमों का पालन सही तरीके से नहीं किया जाता।
राज ठाकरे ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब तक नियमों का सख्ती से पालन नहीं होगा और जुर्माना प्रभावी ढंग से नहीं वसूला जाएगा, तब तक शहरों में अनुशासन कायम नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि स्थिति ऐसी हो गई है कि व्यवस्था खुद ही अव्यवस्था का कारण बन रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि एक जिम्मेदार नागरिक और विपक्ष के नेता के रूप में उनका कर्तव्य है कि वे इन मुद्दों को उठाएं और समाधान के लिए सरकार के साथ संवाद करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि पहले चुनाव के बाद नेता आपसी मतभेदों को किनारे रखकर जनता के हित में काम करते थे और अब भी यही परंपरा जारी रहनी चाहिए।
राज ठाकरे के इस बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई चर्चा को जन्म दे दिया है। हालांकि उन्होंने साफ किया कि उनकी मुलाकात का उद्देश्य केवल राज्य के विकास और जनहित के मुद्दों पर चर्चा करना था, न कि कोई राजनीतिक गठजोड़ करना। आने वाले दिनों में उनकी मुख्यमंत्री से संभावित मुलाकात को लेकर भी राजनीतिक हलकों में नजर बनी हुई है।
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