Last Updated Apr - 09 - 2025, 12:41 PM | Source : Fela News
Reserve Bank of India: भारतीय रिजर्व बैंक ने 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की है, जिससे अब रेपो रेट घटकर 6% हो गया है।
Reserve Bank of India: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट यानी 0.25% की कटौती की है। अब रेपो रेट घटकर 6% हो गया है। साल 2025 में यह दूसरी बार है जब RBI ने रेपो रेट घटाया है। इससे पहले फरवरी में रेपो रेट 6.50% से घटाकर 6.25% किया गया था, और अब यह 6% पर आ गया है।
रेपो रेट क्या होता है?
जैसे हमें जरूरत पड़ने पर बैंक से लोन लेना पड़ता है, वैसे ही बैंकों को भी कभी-कभी पैसों की जरूरत होती है। तब वे RBI से लोन लेते हैं। इस लोन पर जो ब्याज बैंक RBI को देते हैं, उसे रेपो रेट कहते हैं। आसान भाषा में, रेपो रेट वह दर है जिस पर RBI बैंकों को लोन देता है।
रेपो रेट कम होने का मतलब आम लोगों के लिए क्या है?
जब रेपो रेट कम होता है, तो बैंकों को सस्ते में लोन मिलता है। इसका असर ये होता है कि बैंक भी ग्राहकों को सस्ते ब्याज दर पर लोन देने लगते हैं। नतीजा – होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की EMI कम हो जाती है। यानी EMI का बोझ हल्का हो जाता है।
किन्हें होगा सबसे ज़्यादा फायदा?
RBI रेपो रेट क्यों घटाता है?
जब देश की अर्थव्यवस्था धीमी चल रही होती है, तो RBI रेपो रेट कम करता है ताकि बैंकों से सस्ता लोन मिले और लोग ज़्यादा खर्च और निवेश करें। इससे बाजार में पैसा बढ़ता है, व्यापार बढ़ता है और इकोनॉमी में रफ्तार आती है। इसके साथ-साथ महंगाई को भी संतुलित करने में मदद मिलती है।