Last Updated Jun - 26 - 2025, 12:20 PM | Source : Fela News
अहमदाबाद, पुणे और कोलकाता में घर खरीदना अब हुआ अधिक सस्ता, रिपोर्ट के अनुसार ये शहर भारत के सबसे किफायती हाउसिंग मार्केट्स में शामिल हैं।
हाल में प्रकाशित एक रिपोर्ट में सामने आया है कि पहले छह महीनों में घर खरीदना पहले से कहीं आसान हो गया है। रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने फरवरी 2025 में रेपो दर में 100 बेसिस प्वाइंट कटौती की, जिसका सीधा असर होम लोन की ईएमआई पर पड़ा। इसके चलते Knight Frank India की Affordability Index में अहमदाबाद सबसे किफायती शहर बना, जहां औसतन घर की ईएमआई परिवार की आय का केवल 18% ही होगी, वहीं पुणे में यह आंकड़ा 22% और कोलकाता में 23% रहा ।
इस रिपोर्ट के अनुसार, ये सभी शहर पिछले कोविड-19 के समय के बाद से अब तक सर्वोत्तम स्थिति में हैं। मुंबई, जो पारंपरिक रूप से सबसे महंगा रहा है, उसने पहली बार 50% की सीमा को पार कर 48% पर आकर कुछ राहत दी है ।
हालांकि, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में ईएमआई का अनुपात बढ़कर 28% हो गया जो 2023 में 27% था। इसका प्रमुख कारण रीयल एस्टेट की कीमतों में तेजी है, जिससे ब्याज दरों में कटौती का लाभ पूरी तरह से दिख नहीं पा रहा ।
Knight Frank के चेयरमैन मैनिफिक्चरिंग और निर्माण निदेशक, शिशिर बैजल के अनुसार, “जब लोगों की आय बढ़ेगी और अर्थव्यवस्था मजबूत होगी तो गृह स्वामित्व की ओर उनका रुझान बढ़ेगा। RBI की कटौती और GDP ग्रोथ (FY26 में अनुमानित 6.5%) ने भी घर खरीदने की क्षमता को सहयोगी बनाया है” ।
इन संकेतों का अर्थ साफ है: ब्याज दर में कटौती और बढ़ती आय ने घर खरीदने को पहले से अधिक मुमकिन और किफायती बना दिया है। अहमदाबाद, पुणे और कोलकाता जैसे शहरों में यह बदलाव सबसे स्पष्ट दिख रहा है, जबकि मुंबई में भी थोड़ी राहत मिली है। NCR में हालात अभी चुनौतीपूर्ण हैं, लेकिन दीर्घकालिक रूप से ये निवेशकों और गृहस्वामियों के लिए सकारात्मक संकेत हैं।
अगर आप घर खरीदने का सोच रहे हैं, तो यह एक अच्छा समय कहा जा सकता है—खास तौर पर उन शहरों में जहाँ ईएमआई आपकी आय का एक छोटा हिस्सा ही है।