Last Updated Jun - 09 - 2025, 10:40 AM | Source : Fela News
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने काशी में आयोजित एक शिविर में समाज में समानता और समरसता की आवश्यकता पर जोर दिया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने रविवार को काशी के एक शिविर में कहा कि समाज में जातिगत भेदभाव समाप्त करना आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदिरों, जलस्रोतों और शमशानघाटों में किसी भी व्यक्ति को भेदभाव का सामना नहीं करना चाहिए। उनका कहना था कि "मंदिर से लेकर शमशान तक सभी को समान अधिकार मिलना चाहिए" ।
भागवत ने RSS कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे समाज में समरसता और समानता की भावना को बढ़ावा दें। उन्होंने कहा कि यह समय की आवश्यकता है कि हम जातिवाद से ऊपर उठकर एक समरस और समावेशी समाज की ओर बढ़ें।
इस शिविर में भागवत ने RSS के कार्यकर्ताओं से उनके कार्यक्षेत्र में संचालित शाखाओं और सेवा कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि शाखा क्षेत्र के प्रत्येक परिवार तक संघ का संपर्क होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि संघ का कार्य समाज जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में विस्तारित होना चाहिए, क्योंकि हम मानते हैं कि 'वसुधैव कुटुम्बकम्' - विश्व एक परिवार है।
भागवत की यह टिप्पणी समाज में समानता और समरसता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।