Last Updated Nov - 20 - 2025, 01:09 PM | Source : Fela News
पश्चिम बंगाल में करीब 500 अवैध बांग्लादेशी SIR अभियान के डर से वापस अपने देश लौटने की कोशिश कर रहे हैं. वे पहले बिना कागज़ात भारत आए थे और अब कार्रवाई के डर से
पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश की सीमा के पास हाकिमपुर बॉर्डर आउटपोस्ट (उत्तर 24 परगना) में पिछले कुछ दिनों से अचानक ज्यादा हलचल देखी जा रही है। सड़क किनारे बैठे लोग—महिलाएं, पुरुष और बच्चे—डरे हुए लग रहे हैं। उनके पास बैग और सामान रखा है, जिससे साफ पता चलता है कि वे जल्दबाज़ी में भारत छोड़कर बांग्लादेश लौटना चाहते हैं। अधिकारियों का कहना है कि पिछले दिनों यह उलटा पलायन तेजी से बढ़ा है। यानी जो लोग पहले अवैध तरीके से भारत आए थे, अब डर की वजह से वापस जा रहे हैं।
‘SIR अभियान का डर’ —लोग क्यों भाग रहे हैं?
इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए अब्दुल मोमिन ने बताया कि वह पांच साल पहले सतखीरा से भारत आया था और दलाल के जरिए हावड़ा के डोमजूड़ में रहता था। SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) अभियान की दस्तावेज़-जांच से डरकर वह अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ सुबह-सुबह सीमा पर पहुंच गया।
500 के करीब लोग लौटने की कोशिश में
उत्तर 24 परगना में यह मामला राजनीतिक विवाद भी बन गया है। करीब 500 अवैध बांग्लादेशी नागरिक, जो कोलकाता के आसपास के इलाकों में सालों से रह रहे थे, अब SIR के डर से वापस बांग्लादेश लौटना चाहते हैं। लेकिन BSF उन्हें भारत की सीमा से बाहर जाने नहीं दे रही और बांग्लादेश की BGB भी उन्हें अंदर नहीं आने दे रही। बीजेपी इसे अवैध घुसपैठ पर कार्रवाई बता रही है, जबकि TMC इसे राजनीति से जुड़ा कदम मान रही है।
‘NRC की बातें सुनकर डर लग रहा है’ —महिला का बयान
एक महिला ने बताया कि वह 10 साल पहले न्यू टाउन आई थी, लेकिन उसके पास कोई भारतीय दस्तावेज नहीं है। NRC और SIR की चर्चा ने उसे डरा दिया है। BSF का कहना है कि सिर्फ पिछले एक हफ्ते में ही 400 से ज्यादा लोग हाकिमपुर पहुंच गए हैं।
स्थिति लगातार बिगड़ रही है
मंगलवार तक सीमा पर फंसे लोगों की संख्या 500 से ऊपर पहुंच गई। ये ज़्यादातर सतखीरा और जशोर जिले के लोग हैं, जो कोलकाता में घरेलू काम या छोटे-छोटे काम करते थे। SIR के तहत घर-घर दस्तावेज जांच ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। यह इस साल का सबसे बड़ा ‘उलटा पलायन’ बताया जा रहा है।
अधिकतर के पास कोई कानूनी कागज़ नहीं
कुछ परिवारों के पास कागज़ जरूर हैं, लेकिन डर के माहौल में वे भी लौटने की कोशिश कर रहे हैं। BSF इलाके में हर वाहन और बाइक की सख़्त जांच कर रही है। स्थानीय लोग फंसे लोगों को खाना दे रहे हैं। BSF के मुताबिक, पहले रोज़ 10–20 लोग लौटते थे, अब हर दिन 150–200 लोग वापस जाने की कोशिश कर रहे हैं। अधिकतर के पास वैध दस्तावेज नहीं हैं, इसलिए SIR की जांच ने उनमें भारी डर और अनिश्चितता पैदा कर दी है।
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