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एनसीआर में सख्त कदम: नोएडा-गाज़ियाबाद के पेट्रोल पंपों पर पुराने वाहनों को नहीं मिलेगा ईंधन

एनसीआर में सख्त कदम: नोएडा-गाज़ियाबाद के पेट्रोल पंपों पर पुराने वाहनों को नहीं मिलेगा ईंधन

Last Updated Jun - 26 - 2025, 12:31 PM | Source : Fela News

एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण के तहत नोएडा-गाज़ियाबाद के पेट्रोल पंपों पर पुराने डीजल-पेट्रोल वाहनों को ईंधन देना प्रतिबंधित किया गया है, नियम जल्द लागू होंगे।
एनसीआर में सख्त कदम
एनसीआर में सख्त कदम

जीवनशैली और शहर की हवा को साफ़ रखने की जिम्मेदारी उठाते हुए नोएडा और गाज़ियाबाद में अब एक बड़ा फैसला लिया गया है। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) द्वारा पहले से जारी पुराने वाहनों पर प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने के लिए इन दो जिलों के पेट्रोल पंपों पर विशेष कैमरे लगाए जा रहे हैं ताकि ईंधन केवल नए वाहनों को ही मिले।

इस नए इंतज़ाम के तहत नोएडा में 101 और गाज़ियाबाद में 121, यानी कुल 222 पेट्रोल पंपों पर ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों से वे वाहनों की संख्या प्लेट पढ़ेंगे जो पेट्रोल वाले 15 साल या उससे अधिक पुराने और डीज़ल वाले 10 साल या उससे अधिक पुराने हैं। अगर कैमरा पढ़े कि वाहन अपनी निर्धारित उम्र पार कर चुका है, तो पंप पर घोषणा की जाएगी और उसे ईंधन नहीं मिलेगा  ।

यह पायलट परियोजना नवंबर 2025 से लागू होगी। हालांकि योजना जून तक पूरी होने थी, लेकिन सरकारी बजट की देरी के कारण अब अक्टूबर तक कैमरे लगाने का लक्ष्य रखा गया है  । राजधानी दिल्ली में यह नीतियाँ पहले ही चलाई जा चुकी हैं, और अब एनसीआर के अन्य प्रमुख जिलों में यह व्यवस्था नवंबर से शुरू हो रही है  ।

ये कदम 2015 में लागू एनजीटी के आदेश का अनुपालन है, जिसमें पुराने और प्रदूषणकारी वाहनों को प्रतिबंधित किया गया था। बावजूद इसके, यूपी में मार्च 2025 तक ऐसे 12.69 लाख पुराने वाहनों का आंकड़ा है, जिसमें नोएडा में 1.8 लाख और गाज़ियाबाद में 2.4 लाख वाहन शामिल हैं। परंतु, अभी तक केवल कुछ ही वाहनों को जब्त या प्रतिबंधित किया गया है  ।

लेकिन यह नीति केवल ईंधन देने तक सीमित नहीं रहेगी। नोएडा में "नो हेलमेट, नो फ्यूल" नियम भी लागू किया गया, जिसमें हेलमेट पहनने वालों को ही ईंधन दिया जाएगा, जिससे दोपहिया सवारों की सुरक्षा बढ़ेगी  ।

इस बदलाव के पीछे कार व्यवसायियों और पंप संचालकों की चिंताएँ भी सामने आई हैं। उन्हें लगता है कि ऐसे मामलों में ग्राहक आक्रामक हो सकते हैं, इसलिए स्थानीय पुलिस और परिवहन विभाग को सहयोग करना चाहिए  ।

इस योजना से उम्मीद यह है कि प्रदूषणकारी पुराने वाहनों की संख्या कम होगी, जिससे सड़क और हवा की गुणवत्ता बेहतर होगी। नवाचारपूर्ण ANPR प्रणाली और सख्त कार्यान्वयन से NCR में साफ़ हवा की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है।

 

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