Last Updated Feb - 17 - 2026, 03:26 PM | Source : Fela News
अजित पवार के निधन के बाद सुनेत्रा पवार राजनीतिक विरासत संभालती दिख रहीं। एनसीपी के दोनों गुटों के विलय पर फिलहाल अनिश्चितता, परिवार और नेताओं की मुलाकातों से अटकलें तेज।
महाराष्ट्र की राजनीति में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के भविष्य को लेकर नई हलचल तेज हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने उनकी राजनीतिक विरासत को संभाल लिया है और पार्टी नेतृत्व की जिम्मेदारी उनके हाथों में आने की चर्चा है। महायुति सरकार में उपमुख्यमंत्री पद संभालने के बाद अब उन्हें पार्टी की कमान दिए जाने की तैयारी बताई जा रही है।
बताया जा रहा है कि इस घटनाक्रम के बाद एनसीपी के दोनों गुटों के संभावित विलय को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी असर पड़ा है। सुनेत्रा पवार के सत्ता और संगठन दोनों में सक्रिय होने के बाद फिलहाल दोनों धड़ों के एक होने के कयास कमजोर पड़ते दिख रहे हैं, हालांकि राजनीतिक स्तर पर बातचीत पूरी तरह बंद नहीं हुई है।
इस बीच सूत्रों के मुताबिक, अजित पवार के निधन के बाद उनके चाचा और पार्टी के वरिष्ठ नेता शरद पवार ने बारामती स्थित पैतृक आवास पर पहुंचकर परिवार से मुलाकात की थी। वहीं हाल ही में अजित पवार के बेटे पार्थ पवार और जय पवार ने भी शरद पवार से अलग-अलग मुलाकात की, जिससे राजनीतिक अटकलें और तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि इन बैठकों के राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं और इससे भविष्य में किसी संभावित समझौते की गुंजाइश पर चर्चा हो रही है।
वहीं दूसरी ओर, शरद पवार गुट के कुछ नेताओं का दावा है कि दोनों एनसीपी गुटों का विलय तय माना जाना चाहिए, क्योंकि परिवार के मुखिया के तौर पर शरद पवार को अजित पवार की इच्छा को पूरा करना चाहिए। हालांकि मौजूदा परिस्थितियों में यह प्रक्रिया कब और कैसे आगे बढ़ेगी, इस पर स्पष्टता नहीं है।
बताया जा रहा है कि अजित पवार की राजनीतिक ताकत अब काफी हद तक सुनेत्रा पवार के हाथों में केंद्रित हो गई है। ऐसे में पार्टी संगठन, सत्ता संतुलन और परिवार की भूमिका को लेकर आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरण देखने को मिल सकते हैं।
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