Last Updated Aug - 22 - 2025, 03:38 PM | Source : Fela News
सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि नसबंदी और टीकाकरण के बाद स्ट्रे डॉग्स को उसी इलाके में छोड़ा जाए। यह फैसला इंसानों और जानवरों के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए है।
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अपने विवादित 8 अगस्त के आदेश में संशोधन करते हुए कहा कि आवारा कुत्तों को टीकाकरण और डी-वॉर्मिंग के बाद उसी इलाके में छोड़ा जाएगा। इस फैसले से पशुप्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गई। हालांकि, जिन कुत्तों में रेबीज़ या आक्रामक व्यवहार पाया जाएगा, उन्हें सुरक्षित आश्रयों में रखा जाएगा।
जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजरिया की बेंच ने यह आदेश देते हुए कहा कि आवारा कुत्तों को पकड़कर कहीं और रखने की बजाय उनका टीकाकरण किया जाए और फिर उन्हें वापस उसी क्षेत्र में छोड़ा जाए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थानों पर कुत्तों को खाना खिलाना प्रतिबंधित रहेगा और इसका उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई होगी। इसके लिए खास फीडिंग स्पेस तैयार किए जाएंगे।
कोर्ट ने यह भी कहा कि इच्छुक पशुप्रेमी इन कुत्तों को गोद लेने के लिए आवेदन कर सकते हैं, लेकिन उनकी जिम्मेदारी होगी कि ये कुत्ते दोबारा सड़कों पर न लौटें। साथ ही, मामले में शामिल हर याचिकाकर्ता से 25,000 रुपये और एनजीओ से 2 लाख रुपये जमा कराने का निर्देश दिया गया है।
मुख्य न्यायाधीश द्वारा दुर्लभ हस्तक्षेप में इस मामले को तीन जजों की नई बेंच को सौंपा गया था, क्योंकि पहले दिए गए आदेश से भारी विवाद खड़ा हो गया था। अब सुप्रीम कोर्ट ने पूरे देश में स्ट्रे डॉग्स के लिए राष्ट्रीय नीति बनाने का संकेत भी दिया है।