Last Updated Jul - 10 - 2025, 04:02 PM | Source : Fela New s
सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में जारी मतदाता सत्यापन प्रक्रिया पर चिंता जताई है। अदालत ने कहा कि यह काम आम चुनाव से ठीक पहले नहीं किया जाना चाहिए, ताकि चुनाव प्रक्रिय
बिहार में मतदाता सूची के सत्यापन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर टिप्पणी की है। अदालत ने साफ कहा है कि वोटर वेरिफिकेशन की यह प्रक्रिया आम चुनाव के ठीक पहले नहीं होनी चाहिए क्योंकि इससे निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से सवाल किया कि यह काम इस समय क्यों किया जा रहा है, जब देश में चुनावी तैयारियां जोरों पर हैं। कोर्ट ने कहा कि मतदाता सूची से जुड़ा कोई भी काम समय रहते पूरा किया जाना चाहिए ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में किसी तरह की बाधा न आए।
यह मामला विपक्षी गठबंधन INDIA Bloc की ओर से उठाया गया था, जिसमें आरोप लगाया गया कि इस प्रक्रिया से चुनाव में गड़बड़ी की आशंका है। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल चुनाव आयोग से इस पर जवाब मांगा है और कहा है कि सभी मतदाताओं के अधिकार सुरक्षित रहना जरूरी हैं।
कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद चुनाव आयोग पर दबाव बढ़ गया है कि वह प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा करे। अब सभी की नजरें आयोग के अगले कदम पर टिकी हैं।