Last Updated Nov - 29 - 2025, 04:01 PM | Source : Fela News
एयरबस A320 सीरीज़ के सॉफ्टवेयर मुद्दे से वैश्विक उड़ानें ठप, दुनिया में 6000 और भारत में 400 फ्लाइट्स गंभीर रूप से प्रभावित।
दुनिया भर में अचानक 6000 से ज्यादा विमानों की उड़ानें प्रभावित हो गईं, और भारत में भी करीब 400 फ्लाइट्स इसका शिकार बनीं। वजह सिर्फ एक, एयरबस A320 सीरीज़ के सॉफ्टवेयर में आया गंभीर तकनीकी मसला, जिसने कई घंटों तक वैश्विक एयर ट्रैफिक सिस्टम को हिला कर रख दिया।
एयरबस A320 परिवार दुनिया में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले विमानों में गिना जाता है। हाल ही में जारी एक नए सॉफ्टवेयर अपडेट के बाद कई एयरलाइंस ने तकनीकी गड़बड़ी की शिकायत की। इस गड़बड़ी की जानकारी मिलते ही अंतरराष्ट्रीय एविएशन एजेंसियों ने तुरंत अलर्ट जारी किया और एयरलाइंस को विमान उड़ाने से पहले सुरक्षा जांच अनिवार्य कर दी। कई देशों में उड़ानें रोकनी पड़ीं, कुछ जगह देरी हुई, और कई शेड्यूल पूरी तरह रद्द हो गए।
भारत में इंडिगो, एयर इंडिया और अन्य एयरलाइंस के A320 विमानों पर भी इसका असर साफ दिखा। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे बड़े एयरपोर्ट्स पर यात्रियों की लंबी कतारें लग गईं। एयरलाइंस को मजबूरन शेड्यूल बदलना पड़ा और कई यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। DGCA ने स्थिति पर नजर रखते हुए एयरलाइंस को निर्देश जारी किए कि किसी भी विमान को उड़ान की मंजूरी तभी दी जाए जब सॉफ्टवेयर की टेस्टिंग पूरी तरह सफल हो।
तकनीकी विशेषज्ञों के मुताबिक समस्या विमान के नेविगेशन और कंट्रोल सिस्टम से जुड़ी है, जो उड़ान के दौरान बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अपडेट के बाद कुछ सिस्टम ने असामान्य डेटा दिखाना शुरू कर दिया, जो उड़ान सुरक्षा के लिहाज से खतरा बन सकता था। इसलिए कई देशों ने एहतियाती तौर पर विमान रोक दिए और एयरबस को तुरंत सुधारात्मक पैच उपलब्ध कराने को कहा।
कंपनी ने बयान जारी कर कहा है कि मामला गंभीर है लेकिन नियंत्रण में है। एयरबस की टेक्निकल टीमें लगातार काम कर रही हैं और जल्द ही पूरी तरह सुरक्षित अपडेट जारी किया जाएगा। तब तक एयरलाइंस को विशेष प्रोटोकॉल के साथ ऑपरेशन जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
यात्रियों के लिए यह घटना एक झटके की तरह आई, लेकिन विशेषज्ञ इसे आवश्यक सुरक्षा कदम बताते हैं। उनका कहना है कि एविएशन सेक्टर की मजबूती इसी में है कि खतरा दिखते ही तुरंत रोकथाम की कार्रवाई की जाती है।
एक छोटा सा सॉफ्टवेयर अपडेट दुनिया भर में हजारों विमानों को जमीन पर रोक सकता है, यह घटना बताती है कि हवाई सुरक्षा कितनी संवेदनशील और हाई-प्रिसिशन पर आधारित होती है। दुनिया अब एयरबस के अगले अपडेट का इंतजार कर रही है, ताकि उड़ानें फिर सामान्य रफ्तार पकड़ सकें।
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