Last Updated Jul - 21 - 2025, 02:16 PM | Source : Fela News
भाषा विवाद को लेकर उपराष्ट्रपति ने देशव्यापी एकता के लिए जेंडर और भाषा की विविधता में समता की बात कही।
उपराष्ट्रपति जयदीप धनखड़ ने आज एक बयान में कहा कि भारत में भाषा और क्षेत्रीय विविधता उसकी ताकत है, इसे विवाद नहीं बनने देना चाहिए। उन्होंने कहा—“हमें विभाजन फैलाने वाली राजनीति से बचना चाहिए” और सभी भारतीयों को एक राष्ट्र के रूप में देखना चाहिए। यह बयान हालिया भाषा-राष्ट्रवाद विवाद के बीच आया है।
धनखड़ ने कहा कि संविधान में सभी भाषाओं और धर्मों को समान स्थान मिला है और यह सौहार्द्र ही देश की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने सभी नागरिकों से संवाद, सहिष्णुता और आपसी समझ बढ़ाने का आह्वान किया।