Last Updated Apr - 04 - 2025, 03:18 PM | Source : Fela News
वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर यूपी में सतर्कता बढ़ी, विभिन्न संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किए। सरकार और वक्फ बोर्ड के बीच इस मुद्दे पर तनाव बढ़ता जा रहा है।
भारत में वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में सुधार के उद्देश्य से संसद में वक्फ (संशोधन) विधेयक पारित किया गया है। हालांकि, इस विधेयक के खिलाफ विभिन्न राज्यों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, विशेषकर उत्तर प्रदेश में, जहां कई जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
विधेयक का उद्देश्य और प्रमुख प्रावधान
वक्फ (संशोधन) विधेयक का मुख्य उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और कुशलता लाना है। इसमें वक्फ बोर्डों में गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल करने और सरकारी निगरानी बढ़ाने जैसे प्रावधान शामिल हैं। समर्थकों का मानना है कि इससे भ्रष्टाचार कम होगा और संपत्तियों का सही प्रबंधन सुनिश्चित होगा।
विरोध और विवाद
विधेयक के खिलाफ मुस्लिम संगठनों और विपक्षी दलों ने विरोध जताया है। उनका तर्क है कि यह विधेयक मुस्लिम समुदाय के अधिकारों का उल्लंघन करता है और धार्मिक संपत्तियों पर सरकारी नियंत्रण बढ़ाता है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड जैसे संगठन इसे इस्लामी सिद्धांतों के खिलाफ मानते हैं।
उत्तर प्रदेश में सतर्कता और पुलिस की कार्रवाई
उत्तर प्रदेश में, विशेष रूप से नोएडा जिले में, पुलिस ने 241 मस्जिदों के इमामों को नोटिस जारी किए हैं। यह कदम संभावित विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर उठाया गया है ताकि शांति और कानून व्यवस्था बनी रहे।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने भी विधेयक का विरोध किया है और इसे मुस्लिम समुदाय के खिलाफ बताया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी संसद में इस विधेयक का विरोध करेगी।
वक्फ (संशोधन) विधेयक ने देश में विभिन्न प्रतिक्रियाएं उत्पन्न की हैं। जहां सरकार इसे सुधारात्मक कदम मानती है, वहीं कई संगठन और राजनीतिक दल इसे मुस्लिम समुदाय के अधिकारों के खिलाफ मानते हैं। आने वाले दिनों में इस पर और बहस और चर्चा होने की संभावना है।