Last Updated Nov - 24 - 2025, 04:47 PM | Source : Fela News
जौनपुर-गोरखपुर में बुजुर्ग महिला का शव फ्रीजर में रखने की घटना ने संवेदनशीलता पर सवाल खड़े किए।
जौनपुर से लेकर गोरखपुर तक एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने हर किसी को झकझोर दिया। एक बुजुर्ग महिला के निधन के बाद बेटे ने वृद्धाश्रम वालों से कहा कि “घर में शादी है, मां की लाश को चार दिन डीप फ्रीजर में रख दो।” इस बात ने आश्रम के कर्मचारियों को भी स्तब्ध कर दिया। अंतिम संस्कार में देरी और शव के साथ हुई लापरवाही ने मामले को और गंभीर बना दिया।
घटना तब सामने आई जब जौनपुर के वृद्धाश्रम में रहने वाली एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। आश्रम ने परिवार को सूचना दी, लेकिन बेटा मौके पर पहुंचकर शव को तुरंत लेने के बजाय शादी का हवाला देने लगा। उसने कहा कि परिवार इस समय व्यस्त है, इसलिए शव को डीप फ्रीजर में रखा जाए और अंतिम संस्कार कुछ दिनों बाद किया जाएगा। आश्रम कर्मियों ने इस पर आपत्ति जताई, लेकिन परिवार के दबाव के चलते मामला उलझता चला गया।
इसी दौरान शव को गोरखपुर ले जाया गया, जहां उसके साथ और भी अनियमितताएं देखने को मिलीं। अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में देरी, उचित दस्तावेजों की कमी और परिजन का उदासीन रवैया लगातार सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय स्तर पर जांच शुरू हो गई है कि क्यों चार दिनों तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया गया और क्या परिवार ने बिना अनुमति के शव को इधर-उधर ले जाने की कोशिश की।
इस पूरे मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि बुजुर्ग महिला वृद्धाश्रम में रह रही थीं, यानी परिवार पहले से ही दूर था। निधन के बाद भी बेटे का रवैया कई लोगों को असंवेदनशील लगा। आश्रम कर्मियों का कहना है कि जिस वक्त उन्हें परिजनों की जरूरत थी, वे जिम्मेदारी से पीछे हटते दिखे।
अब प्रशासन भी इस मामले की जांच में शामिल हो गया है। यह देखा जा रहा है कि क्या शव के साथ किसी तरह की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन हुआ है। वहीं, समाज में इस घटना ने रिश्तों की गर्माहट और संवेदनशीलता पर गहरा सवाल खड़ा कर दिया है। लोग यह सोचने पर मजबूर हैं कि क्या वाकई आज के समय में व्यक्तिगत सुविधाएं और सामाजिक आयोजनों को परिवार के अंतिम कर्तव्य से भी ऊपर रखा जाने लगा है।