Last Updated Nov - 10 - 2025, 11:45 AM | Source : Fela News
RSS Chief Mohan Bhagwat: मोहन भागवत ने कहा कि आरएसएस चुनाव नहीं लड़ता और किसी पार्टी का समर्थन नहीं करता, बल्कि सिर्फ नीतियों का समर्थन करता है.
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार (9 नवंबर 2025) को कहा कि संघ किसी राजनीतिक पार्टी का समर्थक नहीं है, बल्कि नीतियों का समर्थन करता है. बेंगलुरु में RSS के 100 साल पूरे होने पर हुए कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस अयोध्या में राम मंदिर के पक्ष में होती, तो संघ कार्यकर्ता कांग्रेस को भी वोट देते.
संघ राजनीति नहीं, नीति का समर्थन करता है
भागवत ने कहा कि आरएसएस चुनावी राजनीति में हिस्सा नहीं लेता और किसी पार्टी का समर्थन नहीं करता. उन्होंने कहा, “हम नीति का समर्थन करते हैं, राजनीति का नहीं. जब राम मंदिर की बात थी, तो संघ उन दलों के साथ था जो इसके पक्ष में थे. अगर कांग्रेस समर्थन करती, तो हम कांग्रेस को भी वोट देते.”
‘मुस्लिम–ईसाई भी आ सकते हैं, लेकिन…’
मुस्लिमों के आरएसएस में शामिल होने के सवाल पर भागवत ने कहा कि संघ में धर्म या जाति के आधार पर कोई रोक नहीं है. “हम यह नहीं पूछते कि कोई कौन है. जो भी भारत माता का पुत्र बनकर आए, उसका स्वागत है,” उन्होंने कहा.
RSS रजिस्टर्ड क्यों नहीं है?
भागवत ने बताया कि जब 1925 में संघ की शुरुआत हुई थी, तब ब्रिटिश सरकार से रजिस्ट्रेशन कराने का सवाल ही नहीं था. आज भी कानून में इसकी जरूरत नहीं है. “तीन बार संघ पर प्रतिबंध लगा, लेकिन अदालतों ने हर बार उसे हटाया. इससे साबित होता है कि संघ कानूनी संगठन है,” उन्होंने कहा.
खरगे के आरोप पर जवाब
भागवत ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के “RSS पर बैन लगना चाहिए” वाले बयान से फर्क नहीं पड़ता. “जब विरोध बढ़ता है, संघ और मजबूत होता है,” उन्होंने कहा.
तिरंगे पर संघ की राय
भागवत ने कहा कि आरएसएस तिरंगे का हमेशा सम्मान करता है. “हमारा भगवा ध्वज 1925 से है, लेकिन जब राष्ट्रीय ध्वज तय हुआ, हमने उसका सम्मान किया. जैसे कांग्रेस, कम्युनिस्ट और रिपब्लिकन पार्टी के अपने झंडे हैं, वैसे ही हमारा भगवा ध्वज है. लेकिन तिरंगे के प्रति हमारा आदर हमेशा अटल है.”
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