Last Updated Dec - 10 - 2025, 05:03 PM | Source : Fela News
एक छोटा सा वीडियो पूरे पूर्वांचल में हलचल मचा सकता है, किसी ने सोचा भी नहीं था। कार के अंदर कपल का रोमांस, बाहर तेजी से दौड़ती गाड़ी और कुछ ही घंटों में सोशल मी
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर रिकॉर्ड हुआ यह कार-रोमांस वीडियो कुछ दिनों पहले अचानक वायरल हो गया। देखते ही देखते यह क्लिप हर ग्रुप, हर प्लेटफॉर्म और हर जिले में पहुंचने लगी। लोग यह जानने को बेताब थे कि आखिर इसे सोशल मीडिया पर सबसे पहले किसने डाला। इसी बीच नाम सामने आया, आशुतोष सरकार।
मामले की शुरुआती जांच में पता चला कि आशुतोष के फोन में यह वीडियो सबसे पहले पहुंचा था। बताया जा रहा है कि क्लिप किसी ऐसे शख्स ने रिकॉर्ड की थी जो टोल प्लाजा के बहुत करीब था। वहीं से यह फुटेज एक-दूसरे के फोन में शेयर होती गई और आख़िरकार आशुतोष ने इसे आगे भेजा, जिसके बाद यह कुछ ही मिनटों में वायरल हो गया। हालांकि आशुतोष का कहना है कि वह इस वीडियो का असली स्रोत नहीं है, बस उसे मिला और उसने बिना सोचे समझे आगे बढ़ा दिया। इस दावे की अब जांच की जा रही है।
प्रदेश सरकार ने मामले को काफी गंभीरता से लिया है। योगी सरकार ने साफ निर्देश दिए हैं कि यह पता लगाया जाए कि एक्सप्रेसवे जैसे सुरक्षित क्षेत्र में ऐसा वीडियो रिकॉर्ड कैसे हुआ और किसकी लापरवाही से यह बाहर आया। कुछ टोल कर्मचारियों से पूछताछ हो चुकी है और CCTV फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि रिकॉर्डिंग का वास्तविक स्रोत पकड़ में आ सके।
सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर दो तरह की बहस चल रही है। एक तरफ लोग कपल के ऐसे व्यवहार की आलोचना कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बड़ी संख्या में लोग कह रहे हैं कि किसी की प्राइवेसी को रिकॉर्ड करना और वायरल करना अपराध है। कई लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि यदि एक्सप्रेसवे पर निगरानी इतनी आसान है, तो सुरक्षा व्यवस्था कितनी सुरक्षित है।
फिलहाल जांच जारी है, लेकिन आशुतोष सरकार का नाम इस वायरल केस के केंद्र में आ गया है। उसने वीडियो क्यों और कैसे आगे बढ़ाया, यह तो जांच बताएगी, लेकिन इतना ज़रूर है कि एक क्लिप ने प्राइवेसी, सुरक्षा और सोशल मीडिया की जिम्मेदारी पर फिर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।