Last Updated Nov - 12 - 2025, 05:26 PM | Source : Fela News
दिल्ली ब्लास्ट की जांच में एजेंसियों को नए सुराग मिले हैं। शक एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर गहराया है। सुरक्षा एजेंसियां अब ब्लास्ट के पीछे छिपे चेहरे की तलाश में
राजधानी दिल्ली में हुए भयानक धमाके के बाद अब हालात धीरे-धीरे साफ हो रहे हैं, लेकिन कई सवाल अभी भी अनुत्तरित हैं। धमाके में 10 लोगों की मौत हो चुकीहै, जिनमेंसे 8 कीपहचान हो गई है। बाकी दो शवों की पहचान न हो पाने से जांच टीमों के सामने नए संदेह खड़े हो गए हैं। क्या ये दोनों लाशें आतंकियों की हैं —यही अब पुलिस की सबसे बड़ी पड़ताल बन गई है।
दिल्ली पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि धमाका बेहद योजनाबद्ध तरीके से किया गया था। जिस इलाके में ब्लास्ट हुआ, वहां एक कार में विस्फोटक रखा गया था। धमाका इतना जोरदार था कि आसपास खड़ी कई गाड़ियां जलकर खाक हो गईं और सड़क पर अफरा-तफरी मच गई। मौके से बरामद सबूतों में कुछ इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और तार के टुकड़े मिले हैं, जो यह इशारा करते हैं कि धमाके में रिमोट डिटोनेटर का इस्तेमाल हुआ था।
फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से मिले अवशेषों को जांचके लिए भेज दिया है। वहीं, 8 मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी गई है और उनके शव पोस्टमार्टम के बाद सौंपे जा रहे हैं। बाकी दो शवों की हालत इतनी खराब है कि पहचान मुश्किल हो रही है। पुलिस का मानना है कि संभव है ये दोनों लोग वही हों जिन्होंने विस्फोटक लगाने का काम किया हो।
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियों को जम्मू-कश्मीर और फरीदाबाद से कुछ अहम सुराग मिले हैं। इन इलाकों में कुछ संदिग्धोंकीआवाजाहीऔरमोबाइल लोकेशन का रिकॉर्ड दिल्ली धमाके से मेल खा रहा है। इस कड़ी को जोड़ने के लिए एनआईए और इंटेलिजेंस ब्यूरो भी शामिल हो गए हैं।
फिलहाल, दिल्ली पुलिस ने आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है और कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। सरकार ने साफ कहा है कि इस आतंकी हमले के पीछे जो भी होगा, उसे छोड़ा नहीं जाएगा।
दिल्ली जैसे संवेदनशील इलाके में यह धमाका सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। लोग अब बस एक ही सवाल पूछ रहे हैं ,आखिर कौन था वो, जिसने देश की राजधानी में ऐसा खौफनाक खेल खेला।
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