Last Updated Nov - 15 - 2025, 05:55 PM | Source : Fela News
नौगाम धमाके में 9 मौतों ने हादसे की आधिकारिक थ्योरी पर सवाल और चिंता बढ़ा दी।
जम्मू-कश्मीर के नौगाम थाने में हुए बड़े धमाके को पुलिस ने महज एक हादसा बताया है, लेकिन इस घटना में 9 लोगों की मौत ने पूरे मामले पर कई तरह की चर्चा छेड़ दी है।
नौगाम पुलिस स्टेशन परिसर में हुए धमाके ने लोगों को गहरा झटका दिया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, थाने के भीतर किसी मरम्मत कार्य के दौरान शॉर्ट सर्किट जैसी तकनीकी खराबी से आग लगी, जिसके बाद गैस सिलिंडर फट गया और धमाका हो गया। जम्मू-कश्मीर पुलिस के DGP ने इसे पूरी तरह हादसा करार दिया है और कहा कि इस घटना में किसी आतंकी गतिविधि का कोई संकेत नहीं मिला है।
हालांकि, धमाके की तीव्रता और इससे हुई भारी जनहानि को देखते हुए स्थानीय लोग और कुछ राजनीतिक दल इस आधिकारिक बयान पर सवाल भी उठा रहे हैं। उनका कहना है कि इतनी बड़ी घटना कैसे सिर्फ तकनीकी खराबी का नतीजा हो सकती है।
इस हादसे में मरने वालों की संख्या 9 पहुंच चुकी है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। मरम्मत के दौरान मौजूद मजदूरों और पुलिसकर्मियों को संभलने का कोई मौका भी नहीं मिला। धमाके के बाद थाने के कई हिस्से ध्वस्त हो गए और आसपास के क्षेत्र में भी नुकसान देखने को मिला।
पुलिस ने आश्वासन दिया है कि विस्तृत फॉरेंसिक जांच की जाएगी और इसकी रिपोर्ट आने के बाद सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा। फिलहाल सभी प्रारंभिक जांचें इसी दिशा में इशारा कर रही हैं कि यह एक आकस्मिक हादसा था, न कि कोई योजनाबद्ध हमला।
घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी है, क्योंकि जम्मू-कश्मीर में किसी भी विस्फोट को साधारण घटना नहीं माना जाता। सामान्य तौर पर हर धमाके की जांच कई स्तरों पर होती है, और इस मामले में भी ऐसा ही किया जा रहा है।
स्थानीय प्रशासन पीड़ित परिवारों की मदद में लगा है और घायलों का इलाज युद्ध स्तर पर चल रहा है।
फिलहाल पुलिस का बयान स्पष्ट है, लेकिन लोगों की आशंकाओं को देखते हुए जांच रिपोर्ट का इंतजार और भी अहम हो गया है। जब तक विस्तृत विवरण सामने नहीं आता, नौगाम धमाका एक ऐसा मामला बना रहेगा जिस पर सवाल और चिंता दोनों जारी हैं।