Last Updated Dec - 11 - 2025, 03:42 PM | Source : Fela News
ई-सिगरेट विवाद से लोकसभा में हंगामा बढ़ा, आरोप-प्रत्यारोप के बीच कार्यवाही रुकी; स्पीकर ने शांति और जांच का आदेश दिया।
संसद के सत्र के दौरान ई-सिगरेट को लेकर एक ऐसा विवाद खड़ा हो गया जिसने लोकसभा की कार्यवाही को कई मिनटों तक रोक दिया। आरोप, हंगामा और तीखी बहस के बीच माहौल इतना गर्म हो गया कि स्पीकर को खुद हस्तक्षेप करना पड़ा।
मामला तब शुरू हुआ जब केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने सदन में दावा किया कि एक TMC सांसद ई-सिगरेट का इस्तेमाल कर रहे थे। सरकार की ओर से कहा गया कि यह आचरण न सिर्फ नियमों के खिलाफ है बल्कि सदन की गरिमा का भी उल्लंघन है। ठाकुर के इस बयान के बाद विपक्ष भड़क उठा और उन्होंने आरोप को पूरी तरह से राजनीतिक हमला बताया। TMC सांसदों ने कहा कि यह आरोप बेबुनियाद है और सरकार मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
जैसे ही आरोप लगाया गया, सदन में शोर बढ़ने लगा। विपक्षी सांसद अपनी सीटों से खड़े होकर विरोध करने लगे, जबकि सत्ता पक्ष इस मुद्दे की जांच की मांग कर रहा था। कई मिनटों तक हंगामा जारी रहा और स्पीकर ओम बिड़ला को बार-बार सांसदों को शांत रहने की अपील करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि सदन की मर्यादा सबसे ऊपर है और किसी भी अनुशासनहीनता की जांच आवश्यक है।
इस विवाद ने ई-सिगरेट पर भारत में लगे प्रतिबंध को भी एक बार फिर चर्चा में ला दिया। सरकार लंबे समय से युवाओं के बीच ई-सिगरेट और वेपिंग को रोकने के लिए सख्त रुख अपना रही है, ऐसे में लोकसभा के भीतर इस तरह का आरोप गंभीर माना जा रहा है। अधिकारी अब सदन की फुटेज और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रहे हैं ताकि यह तय किया जा सके कि आरोप में कितनी सच्चाई है।
इस पूरे प्रकरण ने राजनीतिक तापमान को बढ़ा दिया है। विपक्ष का कहना है कि सरकार छोटे-छोटे आरोपों का इस्तेमाल कर बड़े मुद्दों से ध्यान हटाना चाहती है। वहीं सत्ता पक्ष इसे सदन की गरिमा का प्रश्न बता रहा है और कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है।
लोकसभा का यह हंगामा केवल एक आरोप भर नहीं, बल्कि इस बात का संकेत है कि संसद में राजनीतिक खींचतान किस हद तक पहुंच चुकी है। आने वाले दिनों में जांच के नतीजे सामने आने के बाद ही यह साफ होगा कि मामला कितना गंभीर था और किस पर जिम्मेदारी तय होगी।