Last Updated Jan - 07 - 2026, 02:56 PM | Source : Fela News
उद्धव ठाकरे के साथ नजदीकी बढ़ते ही राज ठाकरे की पार्टी को बड़ा संगठनात्मक झटका लगा है
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। उद्धव ठाकरे के साथ गठबंधन की चर्चाओं के बीच राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने MNS छोड़कर एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना का दामन थाम लिया है। इस घटनाक्रम को आगामी बीएमसी चुनाव 2026 से जोड़कर देखा जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, मुंबई और आसपास के इलाकों से जुड़े कई पदाधिकारी और सक्रिय कार्यकर्ता शिंदे गुट में शामिल हुए हैं। इन कार्यकर्ताओं का कहना है कि MNS में लंबे समय से असमंजस और दिशा की कमी महसूस की जा रही थी। उद्धव ठाकरे के साथ संभावित गठबंधन से पार्टी की मूल राजनीतिक पहचान कमजोर होने का डर भी एक बड़ा कारण बताया जा रहा है।
शिंदे गुट की शिवसेना ने इन कार्यकर्ताओं का खुले तौर पर स्वागत किया है और दावा किया है कि आने वाले समय में MNS से और लोग जुड़ सकते हैं। शिंदे गुट का मानना है कि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं का भरोसा उनके नेतृत्व पर बढ़ रहा है, खासकर मुंबई महानगरपालिका चुनाव को लेकर।
राज ठाकरे के लिए यह टूट ऐसे वक्त में हुई है, जब वह अपनी पार्टी को फिर से सक्रिय और मजबूत करने की कोशिश में लगे हैं। MNS पहले ही विधानसभा और लोकसभा चुनावों में कमजोर प्रदर्शन से जूझ रही है। अब संगठन के भीतर से हो रही यह टूट पार्टी की रणनीति पर सवाल खड़े कर रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उद्धव ठाकरे के साथ संभावित तालमेल MNS के कुछ पुराने समर्थकों को रास नहीं आ रहा है। यही वजह है कि वे शिंदे गुट को ज्यादा मजबूत और व्यावहारिक विकल्प मान रहे हैं। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि यह टूट MNS के लिए अस्थायी झटका है या लंबे समय तक असर डालने वाला राजनीतिक मोड़।