Last Updated Sep - 17 - 2025, 04:21 PM | Source : Fela News
बिहार की राजनीति में RJD और कांग्रेस ओवैसी की पार्टी AIMIM को जगह देने से बच रही हैं। वजह है वोटबैंक पर असर और महागठबंधन की सीट बंटवारे की जटिलता।
बिहार की सियासत में सीमांचल हमेशा से अहम माना जाता है। यहां मुस्लिम वोटरों की बड़ी संख्या है और इसी वजह से असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने पहले भी अपनी पकड़ बनाने की कोशिश की थी। लेकिन इस बार RJD और कांग्रेस उन्हें गठबंधन में जगह देने को तैयार नहीं दिख रही हैं।
दरअसल, महागठबंधन का प्लान साफ है—सीमांचल में मुस्लिम वोटों का बिखराव नहीं होने देना। RJD और कांग्रेस को डर है कि अगर ओवैसी को जगह दी गई, तो हिंदू वोटरों में ध्रुवीकरण तेज हो सकता है और इसका सीधा फायदा बीजेपी को मिलेगा। यही वजह है कि दोनों पार्टियां AIMIM को बाहर रखकर खुद ही मुस्लिम वोटों को अपने साथ जोड़ने की रणनीति बना रही हैं।
ओवैसी लगातार दावा कर रहे हैं कि उनकी पार्टी सीमांचल के लोगों की असली आवाज है, लेकिन महागठबंधन उन्हें "स्पॉइलर" मानता है। अब देखना होगा कि ओवैसी अकेले उतरकर कितनी चुनौती खड़ी कर पाते हैं और क्या वाकई उनका असर महागठबंधन की गणित बिगाड़ सकता है।