Last Updated Jan - 17 - 2026, 06:05 PM | Source : Fela News
दूषित पानी से फैली बीमारी और मौतों के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी इंदौर पहुंचे। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों और मृतकों के परिजनों से मिलकर उनका दर्द सुना
मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी के कारण बीमार पड़े लोगों और मौत के मामलों ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। इसी बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी इंदौर पहुंचे और सीधे प्रभावित इलाकों और अस्पतालों का दौरा किया। उन्होंने दूषित पानी से बीमार हुए मरीजों से मुलाकात की और मृतकों के परिजनों से मिलकर संवेदना जताई।
राहुल गांधी ने अस्पताल में भर्ती लोगों से उनकी हालत, इलाज और प्रशासन की मदद को लेकर बातचीत की। मरीजों और उनके परिजनों ने उन्हें बताया कि किस तरह लंबे समय से गंदे पानी की शिकायतें की जा रही थीं, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कई इलाकों में लोग मजबूरी में वही पानी पीते रहे, जिसका नतीजा बीमारी और जान जाने के रूप में सामने आया।
मृतकों के परिजनों से बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि यह सिर्फ एक स्वास्थ्य संकट नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर मामला है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब लगातार शिकायतें मिल रही थीं, तब पानी की जांच और सप्लाई व्यवस्था को ठीक क्यों नहीं किया गया। उनके मुताबिक, साफ पानी जैसी बुनियादी सुविधा में चूक सीधे आम लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ है।
इस दौरे के दौरान राहुल गांधी ने राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। साथ ही उन्होंने प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद दिलाने की बात भी कही।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह मामला सिर्फ इंदौर तक सीमित नहीं है, बल्कि शहरी व्यवस्थाओं की कमजोरियों को उजागर करता है। दूषित पानी, खराब पाइपलाइन और निगरानी की कमी ऐसे मुद्दे हैं, जिन्हें नजरअंदाज किया जाता रहा है।
राहुल गांधी का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब इंदौर की घटना को लेकर जनता में नाराजगी है। लोगों को उम्मीद है कि राजनीतिक दबाव के बाद प्रशासन हरकत में आएगा और पीड़ितों को न्याय मिलेगा। यह दौरा साफ संकेत देता है कि दूषित पानी से जुड़ा यह मामला आने वाले दिनों में और ज्यादा राजनीतिक तूल पकड़ सकता है।
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