Last Updated Nov - 27 - 2025, 05:32 PM | Source : Fela News
अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े कार्यक्रम पर पाकिस्तान के बयान ने भारत को सख्त प्रतिक्रिया देने पर मजबूर कर दिया। विदेश मंत्रालय ने साफ कहा कि भारत को किसी से ले
अयोध्या में हुए झंडारोहण कार्यक्रम को लेकर पाकिस्तान ने अनावश्यक टिप्पणी की, जिसे भारत ने बेहद गैरज़रूरी और राजनीतिक बताया। पाकिस्तान ने धार्मिक मुद्दे का हवाला देते हुए भारत पर आरोप लगाने की कोशिश की, जबकि कार्यक्रम पूरी तरह भारत के भीतर और उसकी सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा था। भारत ने इस बयानबाज़ी को तुरंत खारिज करते हुए कहा कि पाकिस्तान को पहले अपने घर की हालत सुधारनी चाहिए।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान का रिकॉर्ड ही दिखाता है कि वह अल्पसंख्यकों के साथ कैसा व्यवहार करता है। मंदिरों पर हमले, जबरन धर्म परिवर्तन और आतंकी नेटवर्क को समर्थन उसकी सच्चाई उजागर करते हैं। ऐसे में भारत पर टिप्पणी करना, वह भी एक धार्मिक और शांतिपूर्ण कार्यक्रम को लेकर, सिर्फ राजनीतिक स्टंट जैसा है।
भारत ने यह भी याद दिलाया कि पाकिस्तान बार-बार भारतीय मामलों में दखल की कोशिश करता है, जबकि उसके अपने यहां लोकतांत्रिक व्यवस्था, आर्थिक स्थिरता और मानवाधिकारों की हालत गंभीर बनी हुई है। भारत ने साफ कहा कि उसे अपने आंतरिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए किसी बाहरी देश से सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं।
कूटनीतिक हलकों का मानना है कि पाकिस्तान की यह प्रतिक्रिया अपने घरेलू दबावों को भटकाने की कोशिश भी हो सकती है। लेकिन भारत की स्पष्ट फटकार ने यह संदेश दे दिया कि धार्मिक मुद्दों पर राजनीतिक टिप्पणी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अयोध्या कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण, सांस्कृतिक और प्रतीकात्मक था, जिसे लेकर पाकिस्तान की टिप्पणी न सिर्फ अनावश्यक थी बल्कि कूटनीतिक मर्यादा के खिलाफ भी मानी गई। भारत ने कड़े शब्दों में जवाब देकर यह स्पष्ट कर दिया कि ऐसे बयानों का भविष्य में भी कड़ा प्रतिरोध किया जाएगा।