Last Updated Dec - 01 - 2025, 05:17 PM | Source : Fela News
मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र SIR और किसानों के मुद्दों पर तीखी राजनीतिक टकराहट के संकेत देता है।
मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज से शुरू होते ही माहौल गर्म होने की आशंका जताई जा रही है। विपक्ष इस बार पूरी तैयारी के साथ सत्ता पक्ष को घेरने के मूड में है, जबकि सरकार भी सत्र को सुचारू रूप से चलाने की कोशिश में दिख रही है।
कांग्रेस ने पहले ही संकेत दे दिया है कि वह SIR मुद्दे और किसानों की बढ़ती परेशानियों पर जोरदार तरीके से हमला करेगी। पार्टी का मानना है कि ग्रामीण इलाकों में किसानों पर बढ़ रहा दबाव, कर्ज की समस्या और फसलों के दाम को लेकर असंतोष लगातार बढ़ रहा है। कांग्रेस चाहती है कि इन मुद्दों को सत्र के दौरान प्रमुखता से उठाया जाए ताकि सरकार पर जवाब देने का दबाव बने।
दूसरी ओर, बीजेपी का फोकस सत्र को शांत रखने पर है। सरकार की ओर से कहा जा रहा है कि विपक्ष को सकारात्मक चर्चा करनी चाहिए और सत्र का समय राज्य हित में इस्तेमाल होना चाहिए। लेकिन राजनीतिक माहौल को देखते हुए यह साफ है कि जैसे ही SIR या किसान संकट का मुद्दा उठेगा, सदन में तीखी बहस होना तय है।
सत्र के शुरू होने से पहले हुई बैठकों में कांग्रेस ने तय किया कि वह सरकार से किसानों से जुड़े हर निर्णय पर स्पष्ट जवाब मांगने वाली है। वहीं SIR मॉडल को लेकर भी कई सवाल उठाए जाएंगे, जिन पर विपक्ष पहले से ही सरकार को घेरता रहा है। पार्टी का मानना है कि इन मुद्दों पर जनता की नाराज़गी बढ़ रही है और विधानसभा सत्र में इन्हें आवाज देना जरूरी है।
राज्य की राजनीति में इस सत्र के मायने इसलिए भी बड़े हैं क्योंकि यह आने वाले महीनों की सियासी दिशा तय कर सकता है। दोनों पक्ष अपनी-अपनी रणनीतियों के साथ तैयार हैं और जैसे ही बहसें शुरू होंगी, सदन का माहौल और अधिक तीखा होने की संभावना है। कुल मिलाकर, आज से शुरू होने वाला यह सत्र सिर्फ औपचारिक कार्यवाही नहीं, बल्कि राजनीतिक टकराव का मंच बनने जा रहा है।
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