Last Updated Dec - 05 - 2025, 05:27 PM | Source : Fela News
पासपोर्ट केस में अब्दुल्ला आज़म को सात साल की सजा, यूपी राजनीति में हलचल बढ़ी।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल तब और तेज हो गई जब पासपोर्ट केस में अब्दुल्ला आज़म को सात साल की सजा सुना दी गई। कोर्ट ने उन पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
समाजवादी पार्टी के नेता और रामपुर के प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से जुड़े अब्दुल्ला आज़म पर दो पासपोर्ट रखने का मामला लंबे समय से चल रहा था। आरोप था कि उन्होंने गलत जानकारी देकर दूसरा पासपोर्ट बनवाया, जिसमें उनकी जन्मतिथि अलग दर्ज थी। इसी को आधार बनाकर जांच हुई और केस कोर्ट तक पहुंचा। अब फैसला आते ही मामला फिर सुर्खियों में है।
कोर्ट ने सुनवाई के बाद माना कि गलत जानकारी देना और दो पासपोर्ट बनवाना गंभीर अपराध है। फैसले में सात साल की सजा और 50 हजार रुपये के जुर्माने का आदेश दिया गया। सजा तय होते ही राजनीतिक चर्चाएं भी शुरू हो गईं, क्योंकि अब्दुल्ला पहले भी कई कानूनी विवादों में फंसे रहे हैं और यह फैसला उनके राजनीतिक भविष्य पर सीधा असर डाल सकता है।
रामपुर और आसपास के राजनीतिक माहौल में इस सजा को एक बड़े मोड़ की तरह देखा जा रहा है। अब्दुल्ला आज़म पहले विधायक रह चुके हैं, लेकिन कानूनी मामलों ने उनके करियर को कई बार मुश्किल में डाला है। इस फैसले के बाद उनकी अपील और आगे की कानूनी रणनीति पर सभी की नज़रें टिकी हुई हैं।
इस बीच सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में इस फैसले को लेकर बहस तेज है। कुछ लोग इसे कानून का सख्त पालन बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे राजनीतिक दबाव से जोड़ते हुए सवाल उठा रहे हैं। हालांकि अदालत ने अपने आदेश में साफ कहा है कि पासपोर्ट जैसे संवेदनशील दस्तावेज़ में गलत जानकारी देना किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
अब्दुल्ला आज़म की टीम अब अगली कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है, लेकिन फिलहाल इस फैसले ने यूपी की राजनीति में एक नई चर्चा छेड़ दी है।
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