Last Updated Dec - 01 - 2025, 05:12 PM | Source : Fela News
कश्मीर में एनआईए की ताबड़तोड़ रेड से दिल्ली ब्लास्ट केस में ‘व्हाइट कॉलर मॉड्यूल’ का खुलासा तेज़ हुआ।
दिल्ली ब्लास्ट केस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, एनआईए का एक्शन भी तेज होता जा रहा है। सोमवार सुबह कश्मीर में कई स्थानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की गई, जिससे पूरे इलाके में हलचल मच गई। एजेंसी को शक है कि इस मामले के पीछे एक संगठित ‘व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल’ काम कर रहा है, जो दिल्ली तक अपनी जड़ें फैला चुका है।
एनआईए की टीमों ने श्रीनगर, पुलवामा, अनंतनाग और कुपवाड़ा सहित कई जिलों में एक साथ कार्रवाई की। जिन जगहों पर रेड हुई, वहां से डिजिटल डिवाइस, संदिग्ध दस्तावेज और कुछ महत्वपूर्ण कम्युनिकेशन रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं। माना जा रहा है कि ये सभी इनपुट दिल्ली धमाके से जुड़े नेटवर्क की गतिविधियों को समझने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
जांच एजेंसी को संदेह है कि यह मॉड्यूल दिखने में सामान्य लोगों से जुड़ा था, लेकिन अंदर ही अंदर फंडिंग, लॉजिस्टिक्स सपोर्ट और आतंकियों तक सूचना पहुंचाने जैसी गतिविधियों में शामिल था। इसे ‘व्हाइट कॉलर मॉड्यूल’ इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि इसके कई सदस्य सीधे आतंकी संगठन का हिस्सा नहीं थे, बल्कि पर्दे के पीछे से सहायता कर रहे थे।
छापों के दौरान कई संदिग्धों से पूछताछ भी की गई है। एनआईए को उम्मीद है कि इस कार्रवाई से दिल्ली विस्फोट में इस्तेमाल किए गए नेटवर्क के बारे में ठोस जानकारी मिलेगी। सूत्रों के मुताबिक एजेंसी लंबे समय से इस मॉड्यूल की गतिविधियों पर नजर रख रही थी और जैसे ही पर्याप्त सबूत मिले, कश्मीर में यह बड़ी कार्रवाई शुरू की गई।
दिल्ली धमाका अभी भी कई सवाल छोड़ गया है, कौन लोग शामिल थे, विस्फोटक कैसे पहुंचा, और इसके पीछे किस तरह की साजिश रची गई? एनआईए की यह ताबड़तोड़ रेड उसी दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ यह साफ हो रहा है कि मामला केवल एक धमाके का नहीं, बल्कि एक गहरे नेटवर्क को उजागर करने का है।
कश्मीर में जारी इन छापों से संकेत मिलते हैं कि आने वाले दिनों में और भी कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल एजेंसी पूरे मामले को सुलझाने के लिए तेज़ी से काम कर रही है और राजधानी में सुरक्षा एजेंसियों को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है।
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