Last Updated Nov - 12 - 2025, 03:41 PM | Source : Fela News
बिहार में इस बार वोटिंग ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। भारी भीड़ उमड़ी और महिलाओं की भागीदारी ने सबका ध्यान खींचा। चुनाव आयोग ने आंकड़े जारी किए।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण में इस बार वोटिंग का जोश देखने लायक था। करीब 10 फीसदी की रिकॉर्ड बढ़ोतरी के साथ मतदान ने इतिहास रच दिया है। मतदाताओं की लंबी कतारों और गांवों से लेकर शहरों तक गूंजती लोकतंत्र की आवाज ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है —आखिर इस ऐतिहासिक वोटिंग पैटर्न का संदेश क्या है?
राज्य चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, इस चरण में अब तक का सबसे ज्यादा मतदान दर्ज किया गया। खास बात यह रही कि महिलाओं और युवा मतदाताओं ने अप्रत्याशित रूप से बड़ी भागीदारी दिखाई। कई बूथों पर महिलाएं पुरुषों से पहले वोट डालने पहुंचीं, जबकि पहली बार वोट करने वाले युवाओं की संख्या भी पिछले चुनावों से कहीं ज्यादा रही।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बढ़ी हुई वोटिंग केवल उत्साह नहीं, बल्कि बदलाव का संकेत भी हो सकती है। बिहार में बेरोजगारी, शिक्षा, कानून-व्यवस्था और विकास जैसे मुद्दे इस बार प्रमुख चर्चा में हैं। जानकारों के अनुसार, अधिक मतदान का मतलब है कि जनता अब ‘नीतियों से ज्यादा नीयत’ पर ध्यान दे रही है।
एक और दिलचस्प पहलू यह है कि ग्रामीण इलाकों में इस बार मतदान प्रतिशत शहरों से ज्यादा रहा। इसे राजनीतिक चेतना के बढ़ने और स्थानीय मुद्दों के प्रभाव का परिणाम माना जा रहा है। कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि महिला सशक्तिकरण योजनाओं और पंचायत स्तर पर बढ़ी भागीदारी ने भी महिलाओं को राजनीति के प्रति अधिक सक्रिय बनाया है।
अब जब दूसरे चरण के बाद राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं, तो सभी दलों की नजर इसी वोटिंग पैटर्न पर टिकी है। बिहार की यह ऐतिहासिक भागीदारी एक बात तो साफ कर गई है —जनता अब सिर्फ दर्शक नहीं रही, वह बदलाव की कहानी खुद लिखना चाहती है।
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