Last Updated Dec - 06 - 2025, 06:19 PM | Source : Fela News
मुर्शिदाबाद में बाबरी शैली मस्जिद आधारशिला रखे जाने पर राजनीतिक तनाव और बहस तेज हुई।
बाबरी मस्जिद जैसी संरचना की घोषणा के बाद बंगाल के मुर्शिदाबाद में हलचल तेज हो गई है। TMC से निलंबित हुमायूं कबीर द्वारा किए गए भूमि-पूजन ने राजनीतिक माहौल और गरम कर दिया है।
मुर्शिदाबाद इलाके में हुमायूं कबीर ने एक ऐसे ढांचे की आधारशिला रखी है, जिसकी शैली को बाबरी मस्जिद जैसा बताया जा रहा है। कबीर इस कार्यक्रम में अपने समर्थकों के साथ ईंटें लेकर पहुंचे थे और सार्वजनिक रूप से एक नई मस्जिद निर्माण की घोषणा की। जैसे ही इसका वीडियो और तस्वीरें सामने आईं, पूरे बंगाल में इसे लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया शुरू हो गई। कई समूहों ने इसे अनावश्यक विवाद खड़ा करने वाला कदम बताया, जबकि कुछ ने इसे धार्मिक स्वतंत्रता का हिस्सा बताया।
कबीर, जिन्हें कुछ समय पहले TMC ने पार्टी-विरोधी गतिविधियों के आरोप में निलंबित किया था, अब इस कदम के जरिए दोबारा सुर्खियों में आ गए हैं। उनका कहना है कि यह मस्जिद स्थानीय लोगों की मांग पर बनाई जा रही है और इसका राजनीति से कोई संबंध नहीं है। हालांकि विपक्ष ने इसे आगामी चुनावों से जोड़ते हुए इसे ध्रुवीकरण की कोशिश बताया है।
स्थानीय प्रशासन भी इस घटना के बाद अलर्ट हो गया है। पुलिस ने इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा तैनात कर दी है ताकि किसी तरह की सांप्रदायिक तनाव की स्थिति न बने। अधिकारियों का कहना है कि जमीन और निर्माण से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है और यदि किसी नियम का उल्लंघन पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे मामले ने अचानक राज्य की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है। सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहस चल रही है, जिसमें लोग इस कदम के इरादों को लेकर सवाल उठा रहे हैं। वहीं समर्थकों का कहना है कि यह केवल एक धार्मिक स्थल की शुरुआत है और इसे राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए।
लेकिन जिस तरह से बाबरी मस्जिद जैसे ढांचे का संदर्भ आया है, उससे विवाद बढ़ना तय माना जा रहा है। बंगाल की राजनीति, जो पहले से ही संवेदनशील मुद्दों में उलझी हुई है, इस घटना के बाद और गर्माती दिख रही है।