Last Updated Oct - 14 - 2025, 05:05 PM | Source : Fela News
मौसम विभाग ने ला नीना की गतिविधियों को लेकर चेतावनी दी है। इस साल अक्टूबर में ही बर्फबारी और असामान्य ठंड पड़ने की संभावना बढ़ गई है, जिससे किसानों और आम लोगों
इस साल अक्टूबर में भारत में असामान्य ठंड और बर्फबारी का खतरा बढ़ गया है। मौसम विशेषज्ञों ने कहा है कि ला नीना की वजह से देश के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से काफी कम रहने की संभावना है। खासकर उत्तर भारत और पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी समय से पहले शुरू हो सकती है।
ला नीना मौसमी पैटर्न का एक ऐसा चरण है जिसमें समुद्र का तापमान सामान्य से कम होता है और इसके असर से पूरे एशिया और भारत के मौसम में बदलाव आता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस साल भी ला नीना सक्रिय है, जिसके चलते मानसून के बाद अक्टूबर में भी ठंड के असर में बढ़ोतरी हो सकती है।
विशेषज्ञों ने किसानों और आम लोगों को पहले से तैयारी करने की सलाह दी है। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के कारण यातायात प्रभावित हो सकता है, जबकि मैदान क्षेत्रों में सुबह और रात के तापमान में तेज गिरावट हो सकती है। सरकारी विभाग भी अलर्ट मोड में हैं और लोगों को आवश्यक सावधानियां बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विभाग का कहना है कि हालांकि यह ठंड असामान्य है, लेकिन इसे प्राकृतिक घटना के तौर पर देखा जाना चाहिए। वहीं नागरिकों को अपने स्वास्थ्य और कृषि कार्यों को ध्यान में रखते हुए उचित तैयारी करनी चाहिए।
कुल मिलाकर, इस बार भारत में अक्टूबर से ही ठंड और बर्फबारी की संभावनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ला नीना के असर को देखते हुए विशेषज्ञों की सलाह है कि तैयारी समय से की जाए ताकि ठंड के संभावित नुकसान को कम किया जा सके।