Last Updated Oct - 28 - 2025, 06:09 PM | Source : Fela News
सपा विधायक के विवादित बयान से भोजपुरी भाषी समुदाय में नाराजगी बढ़ी। राजनीतिक गलियारों में हलचल, आशंका—क्या फिर से भड़क जाएगा भोजपुरी बनाम अवधी विवाद?
समाजवादी पार्टी के विधायक ओमप्रकाश सिंह का बयान इन दिनों सुर्खियों में है. उन्होंने भोजपुरी स्टार और गायक खेसारी लाल यादव को लेकर विवादित टिप्पणी की है, जिससे राजनीतिक माहौल गर्मा गया है.
दरअसल, ओमप्रकाश सिंह ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि “अगर खेसारी लाल नचनिया हैं, तो फिर हेमा मालिनी कोई सीता मैया नहीं हैं.” उनके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. लोगों ने इसे खेसारी लाल यादव और भोजपुरी कलाकारों का अपमान बताया है.
मामला तब शुरू हुआ जब कुछ दिनों पहले खेसारी लाल यादव ने राजनीति में हो रहे व्यक्तिगत हमलों पर अपनी नाराजगी जताई थी. इसके जवाब में सपा विधायक ने यह बयान दे डाला, जो अब विपक्ष और जनता दोनों के निशाने पर है।
खेसारी लाल यादव ने इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कलाकारों का सम्मान हर हाल में होना चाहिए, चाहे वो किसी भी क्षेत्र से हों. उन्होंने कहा कि “हम मेहनत से जनता का मनोरंजन करते हैं, न कि किसी की बेइज्जती के लिए.”
वहीं, बीजेपी और जदयू नेताओं ने भी सपा विधायक के बयान की आलोचना की है और कहा कि इस तरह के शब्द सार्वजनिक जीवन में किसी को शोभा नहीं देते।
राजनीतिक गलियारों में अब यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि क्या ओमप्रकाश सिंह का यह बयान सिर्फ बयानबाज़ी था या भोजपुरी कलाकारों के प्रति गहराई में मौजूद भेदभाव की झलक।
फिलहाल, सपा ने इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन सोशल मीडिया पर लोगों की राय एकदम साफ है—बयान चाहे राजनीतिक हो या व्यक्तिगत, कलाकारों का सम्मान सबसे ऊपर होना चाहिए।