Last Updated Oct - 01 - 2025, 04:39 PM | Source : Fela News
रावण की सेना में शामिल 10 रहस्यमयी राक्षसों ने अपने अद्भुत और भयानक शक्तियों से पूरे जगत को डराया। उनकी वीरता और आतंक की कहानियाँ आज भी चर्चित हैं।
दशहरा 2025 के मौके पर रावण और उसकी सेना की कहानियां फिर याद की जा रही हैं। खासतौर पर रावण के 10 ऐसे राक्षस थे, जिनकी ताकत और साहस पूरे जगत में खौफ पैदा करते थे। ये राक्षस अकेले ही किसी भी युद्ध को पलट देने की क्षमता रखते थे।
इनमें पहला नाम है मेघनाद का, जिसे इंद्रपुत्र भी कहा जाता था। उसकी आकाशीय युद्ध क्षमता और मारक बाणों से पूरा कांग्रस कांपता था। फिर है कुम्भकर्ण, जो अपने विशालकाय शरीर और नींद में भी युद्ध करने की ताकत के लिए जाना जाता था। अतुल्य बल और दैत्यगति के कारण वह रावण की सेना का सबसे खतरनाक हिस्सा था।
इसके अलावा, राक्षसों में अत्यंत तेज गति वाला धनुषधारी तारा, जादुई शक्तियों से लैस त्रिपुरा, और अग्नि से खेलते हुए भीषण क्षत्रिय भी शामिल थे। इनके अलावा हंतकर्ण, नृसिंहक, व्याघ्र, कटाक्ष और वज्रधारी जैसे नाम भी थे, जो युद्ध में अकेले सेना बदल सकते थे।
इन राक्षसों की कहानियां केवल युद्ध की क्षमता तक सीमित नहीं थीं। वे अपने रणनीतिक दिमाग, छल-कपट और जादुई शक्तियों से भी डर पैदा करते थे। यही कारण है कि दशहरा पर रावण वध की कहानी सुनाते समय बच्चों और बड़ों को ये राक्षस भी याद आते हैं।
कुल मिलाकर, रावण की सेना के ये 10 राक्षस सिर्फ शक्ति ही नहीं बल्कि डर और चालाकी के प्रतीक थे। यही वजह है कि दशहरा का त्योहार हमें अच्छाई की जीत और बुराई पर विजय की प्रेरणा देता है।