Last Updated Oct - 08 - 2025, 12:21 PM | Source : Fela News
Dal Makhani vs Dal tadka: क्या आप जानते हैं कि सिर्फ एक चीज़ ही दाल मखनी और दाल तड़का का स्वाद पूरी तरह बदल देती है? यही वजह है कि दाल मखनी का स्वाद क्रीमी और र
भारतीय खाने में दाल का स्वाद ही खास होता है। हर घर में रोज किसी न किसी दाल का तड़का लगता है। लेकिन जब बात दाल मखनी और दाल तड़का की आती है, तो लोग अक्सर भ्रमित हो जाते हैं कि इनमें असली फर्क क्या है। दोनों ही स्वाद में लाजवाब और रेस्टोरेंट मेन्यू की पसंदीदा डिश मानी जाती हैं। लेकिन जानकर हैरानी होगी कि सिर्फ एक चीज़ इन दोनों का स्वाद पूरी तरह बदल देती है। यही वजह है कि दाल मखनी क्रीमी और रिच होती है, जबकि दाल तड़का मसालेदार और चटपटी लगती है।
दाल मखनी खास क्यों है
दाल मखनी पंजाब की लोकप्रिय डिश है। इसमें साबुत उड़द दाल (काली दाल) और राजमा डाले जाते हैं। इसे धीमी आंच पर लंबे समय तक पकाया जाता है ताकि दाल का फ्लेवर पूरी तरह आए। फिर इसमें मक्खन और ताजी क्रीम मिलाई जाती है, जिससे यह गाढ़ा, क्रीमी और मखमली बन जाता है। रेस्टोरेंट में इसे अक्सर नान या बटर रोटी के साथ परोसा जाता है। दाल मखनी का स्वाद हल्का खट्टा-मीठा और रिच होता है।
दाल तड़का चटपटी क्यों होती है
दाल तड़का आमतौर पर पीली मूंग दाल, तुअर दाल या मसूर दाल से बनाई जाती है। इसे ज्यादा देर तक पकाने की जरूरत नहीं होती। उबालने के बाद इसमें घी या तेल में तड़का लगाया जाता है, जिसमें प्याज, टमाटर, हरी मिर्च, लहसुन और मसाले मिलते हैं। इस तड़के से दाल का स्वाद मसालेदार और चटपटा बन जाता है। दाल तड़का ज्यादातर चावल या रोटी के साथ खाई जाती है और राजस्थान की दाल बाटी में भी इसी का इस्तेमाल होता है।
असली फर्क
दाल मखनी और दाल तड़का में मुख्य फर्क “मक्खन और क्रीम” है। दाल मखनी मक्खन और क्रीम के साथ गाढ़ी और रिच बनाई जाती है, जबकि दाल तड़का तड़के से मसालेदार और चटपटी होती है। यही एक चीज़ दोनों का पूरा स्वाद बदल देती है। दाल मखनी में आमतौर पर लहसुन-अदरक का तड़का नहीं लगाया जाता और यह शाही डिश की तरह रिच ग्रेवी वाली होती है।