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Indian Diet: स्वादिष्ट भारतीय थाली, लेकिन प्रोटीन में कमजोर! जानिए आपकी डाइट सच

Indian Diet: स्वादिष्ट भारतीय थाली, लेकिन प्रोटीन में कमजोर! जानिए आपकी डाइट सच

Last Updated May - 27 - 2026, 03:04 PM | Source : Fela News

Obesity In India: नई स्टडी में बड़ा खुलासा! भारतीय थाली में कार्ब्स भरपूर, लेकिन प्रोटीन की भारी कमी चिंता बढ़ा रही है. एक्सपर्ट्स बोले- गलत डाइट बन सकती है कमजोरी और बीमारियों की बड़ी वजह.
लेकिन प्रोटीन में कमजोर! जानिए आपकी डाइट सच
लेकिन प्रोटीन में कमजोर! जानिए आपकी डाइट सच

Why Indian Diet Is High In Carbohydrates: दुनियाभर में भारतीय खाने का स्वाद पसंद किया जाता है, लेकिन अब एक नई स्टडी ने हमारी थाली को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. रिसर्च में खुलासा हुआ है कि भारतीयों की डाइट में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा जरूरत से ज्यादा है, जबकि प्रोटीन की भारी कमी बनी हुई है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि यही असंतुलन देश में तेजी से बढ़ रही डायबिटीज, प्रीडायबिटीज और मोटापे जैसी बीमारियों की बड़ी वजह बन सकता है.

नेचर मेडिसिन जर्नल में प्रकाशित इस स्टडी के मुताबिक, भारतीयों की रोजाना कुल कैलोरी का करीब 62 प्रतिशत हिस्सा कार्बोहाइड्रेट से आता है, जबकि प्रोटीन का हिस्सा सिर्फ 12 प्रतिशत पाया गया. हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कम से कम 15 प्रतिशत प्रोटीन जरूरी होता है. रिसर्च में यह भी सामने आया कि भारतीय थाली में चावल, गेहूं और रिफाइंड अनाज का दबदबा लगातार बढ़ रहा है, जबकि प्रोटीन से भरपूर चीजें अब भी सीमित मात्रा में खाई जा रही हैं.

1.21 लाख लोगों पर हुई स्टडी

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की इस बड़ी स्टडी में देश के 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 1.21 लाख से ज्यादा लोगों की डाइट और हेल्थ पैटर्न का विश्लेषण किया गया. रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में सफेद चावल सबसे ज्यादा खाया जाता है, जबकि उत्तर और मध्य भारत में गेहूं आधारित भोजन का चलन अधिक है. वहीं मोटे अनाज यानी मिलेट्स का सेवन सिर्फ कुछ राज्यों तक सीमित पाया गया.

डायबिटीज और मोटापे का बढ़ा खतरा

रिसर्च में दावा किया गया कि ज्यादा कार्बोहाइड्रेट लेने वाले लोगों में टाइप-2 डायबिटीज, प्रीडायबिटीज और पेट के आसपास मोटापा बढ़ने का खतरा 15 से 30 प्रतिशत तक ज्यादा देखा गया. साथ ही 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जरूरत से ज्यादा चीनी का सेवन भी दर्ज किया गया. एक्सपर्ट्स का कहना है कि सिर्फ चावल छोड़कर गेहूं या मिलेट्स अपनाने से समस्या खत्म नहीं होगी, जब तक कुल कार्बोहाइड्रेट की मात्रा संतुलित न हो.

एक्सपर्ट्स की सलाह है कि भारतीय थाली को ज्यादा हेल्दी बनाने के लिए दाल, पनीर, अंडे, दही, सोया, नट्स और दूसरी प्रोटीन-रिच चीजों को डाइट में शामिल करना बेहद जरूरी है. प्रोटीन शरीर को मजबूत बनाने के साथ ब्लड शुगर कंट्रोल करने और लंबे समय तक पेट भरा रखने में भी मदद करता है.

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