Last Updated May - 15 - 2026, 03:47 PM | Source : Fela News
AI Digital Harassment: AI और डीपफेक तकनीक महिलाओं के लिए नया डिजिटल खतरा बनती जा रही है. तस्वीरों और वीडियो से छेड़छाड़ कर ऑनलाइन हैरेसमेंट बढ़ रहा है, जिससे मानसिक तनाव और डर के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं.
AI Digital Harassment: सोशल मीडिया पर AI से फोटो और वीडियो बनाने का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है. लोग अपनी तस्वीरों को अलग-अलग स्टाइल में बदलकर शेयर कर रहे हैं, लेकिन इसी तकनीक का गलत इस्तेमाल अब महिलाओं के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है. आज महिलाएं सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें, वीडियो और जिंदगी के खास पल शेयर करती हैं, लेकिन कई बार यही तस्वीरें उनके खिलाफ इस्तेमाल होने लगती हैं.
AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से कुछ लोग महिलाओं की तस्वीरों और वीडियो के साथ छेड़छाड़ कर नकली फोटो और वीडियो बना रहे हैं, जिन्हें डीपफेक कहा जाता है. कई मामलों में महिलाओं की तस्वीरों को अश्लील रूप देकर उन्हें ब्लैकमेल किया जाता है या सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी जाती है. इससे महिलाओं को मानसिक तनाव, डर और बदनामी का सामना करना पड़ता है.
कैसे हो रहा है AI का गलत इस्तेमाल?
AI तकनीक लोगों का काम आसान बना रही है, लेकिन अपराधी इसका गलत फायदा भी उठा रहे हैं. इंटरनेट पर ऐसे कई टूल मौजूद हैं जो किसी भी फोटो को कुछ मिनटों में फेक वीडियो या तस्वीर में बदल सकते हैं. अपराधी सोशल मीडिया से महिलाओं की तस्वीरें डाउनलोड करके उनसे नकली कंटेंट तैयार कर रहे हैं.
इसके बाद उन्हीं तस्वीरों के जरिए महिलाओं को ब्लैकमेल किया जाता है. कई बार उन्हें धमकी दी जाती है कि अगर उनकी बात नहीं मानी गई तो फेक तस्वीरें वायरल कर दी जाएंगी. यही वजह है कि अब डिजिटल दुनिया महिलाओं के लिए पहले से ज्यादा असुरक्षित महसूस होने लगी है.
महिलाओं पर पड़ रहा गहरा असर
जब किसी महिला की तस्वीर के साथ छेड़छाड़ होती है तो उसका असर सिर्फ इंटरनेट तक सीमित नहीं रहता. इससे उनका आत्मविश्वास टूटने लगता है. कई महिलाएं डर, तनाव और चिंता का शिकार हो जाती हैं. कुछ लोग इसे मजाक समझते हैं, लेकिन जिस महिला के साथ यह होता है, उसके लिए यह मानसिक प्रताड़ना बन जाता है.
कई महिलाएं अब सोशल मीडिया पर फोटो डालने से डरने लगी हैं. कुछ ने तो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से दूरी बनानी शुरू कर दी है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि AI का इस्तेमाल जिम्मेदारी से करना बेहद जरूरी है, वरना यह तकनीक लोगों की जिंदगी बर्बाद कर सकती है.
AI वाले डिजिटल हैरेसमेंट से कैसे बचें?
महिलाओं को सोशल मीडिया पर अपनी निजी तस्वीरें शेयर करते समय सावधानी बरतनी चाहिए. किसी भी अनजान AI ऐप या वेबसाइट पर फोटो अपलोड करने से पहले अच्छी तरह जांच करें. अपने सोशल मीडिया अकाउंट को प्राइवेट रखें ताकि हर कोई आपकी तस्वीरें डाउनलोड न कर सके.
अगर कोई फेक फोटो या वीडियो बनाकर परेशान करे तो तुरंत साइबर क्राइम पोर्टल या पुलिस में शिकायत करें. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रिपोर्ट और ब्लॉक फीचर का इस्तेमाल जरूर करें. सबसे जरूरी बात यह है कि ऐसी घटनाओं को छिपाने की बजाय परिवार और करीबी लोगों से खुलकर बात करें, क्योंकि सही समय पर उठाया गया कदम बड़ी परेशानी से बचा सकता है.
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