Last Updated Feb - 27 - 2026, 12:46 PM | Source : Fela News
Google ने एंड्रॉयड यूजर्स के लिए लोकप्रिय Weather मिनी ऐप को बंद कर दिया है। अब मौसम की जानकारी सीधे सर्च पेज में मिलेगी, जिससे करोड़ों यूजर्स का अनुभव बदलेगा ।
टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक और बड़ा बदलाव देखने को मिला है। Google ने अपने एंड्रॉयड यूजर्स के लिए लंबे समय से इस्तेमाल हो रहे लोकप्रिय Google Weather मिनी ऐप को अचानक बंद कर दिया है। यह फीचर खासकर उन यूजर्स के बीच बेहद लोकप्रिय था, जो जल्दी और आसान तरीके से मौसम की जानकारी देखना चाहते थे। भारत समेत दुनियाभर के लाखों यूजर्स अब इस बदलाव से सीधे प्रभावित हुए हैं।
दरअसल, Google Weather कोई अलग से डाउनलोड किया जाने वाला ऐप नहीं था। यह Google ऐप के भीतर एक फुल-स्क्रीन इंटरफेस के रूप में खुलता था। जब यूजर होम स्क्रीन पर मौजूद वेदर शॉर्टकट पर टैप करता था, तो एक साफ और आकर्षक स्क्रीन खुलती थी। इसकी पहचान 'Froggy' नाम के एनिमेटेड बैकग्राउंड से होती थी, जो मौसम के अनुसार बदलता रहता था। यही एनिमेशन इसे खास बनाता था और यूजर्स के बीच इसकी अलग पहचान थी।
इस इंटरफेस की सबसे बड़ी खासियत इसका सादापन था। इसमें किसी तरह के विज्ञापन, अतिरिक्त लिंक या अनावश्यक सर्च सुझाव नहीं होते थे। यूजर सीधे मौजूदा तापमान, प्रति घंटे का पूर्वानुमान, 10 दिन तक का वेदर अपडेट और सेव किए गए शहरों की जानकारी आसानी से देख सकता था। खासकर नॉन-पिक्सल एंड्रॉयड डिवाइस इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए यह फीचर तेज और सुविधाजनक था।
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अब Google ने इस मिनी-ऐप को हटाकर मौसम की जानकारी को सीधे सर्च रिजल्ट पेज में समाहित कर दिया है। जब यूजर मौसम से जुड़ा शॉर्टकट दबाता है, तो वह अब फुल स्क्रीन वेदर इंटरफेस की जगह सामान्य सर्च पेज पर पहुंचता है। यहां मौसम की जानकारी जरूर मिलती है, लेकिन उसके साथ कई अन्य लिंक, संबंधित सर्च सुझाव और अतिरिक्त विकल्प भी दिखाई देते हैं।
नए इंटरफेस में प्रति घंटे और 10 दिन तक का पूर्वानुमान, एयर क्वालिटी इंडेक्स और अन्य विस्तृत आंकड़े उपलब्ध हैं। जानकारी पहले से ज्यादा विस्तृत है, लेकिन यूजर अनुभव पहले जितना सरल और केंद्रित नहीं रह गया है। कई यूजर्स को पुराने डिज़ाइन की कमी महसूस हो सकती है।
हालांकि Google Pixel डिवाइस यूजर्स पर इस बदलाव का असर अपेक्षाकृत कम होगा, क्योंकि उनमें पहले से अलग Pixel Weather ऐप उपलब्ध है। असली असर उन एंड्रॉयड यूजर्स पर पड़ा है, जो पुराने वेदर शॉर्टकट का नियमित इस्तेमाल करते थे।
टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह कदम Google की बड़ी रणनीति का हिस्सा है, जिसमें कंपनी अलग-अलग छोटे फीचर्स को हटाकर अधिक सेवाओं को सर्च प्लेटफॉर्म में एकीकृत कर रही है। इससे सिस्टम को केंद्रीकृत तो किया जा रहा है, लेकिन यूजर के परिचित अनुभव में बदलाव आ रहा है।
फिलहाल, Google की ओर से इस बदलाव पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन इतना साफ है कि टेक दिग्गज लगातार अपने प्लेटफॉर्म को पुनर्गठित कर रहा है, और यूजर्स को नए अनुभव के साथ तालमेल बैठाना होगा।
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