Last Updated May - 29 - 2026, 02:35 PM | Source : Fela News
Cyber Fraud Prevention: पुराना स्मार्टफोन बेचने से पहले सिर्फ फोटो नहीं, पूरा डेटा सही तरीके से डिलीट करना बेहद जरूरी है. छोटी-सी लापरवाही आपकी बैंक डिटेल्स, पासवर्ड और निजी जानकारी को साइबर ठगों तक पहुंचा सकती है.
Cyber Fraud Prevention: नया स्मार्टफोन खरीदने के बाद लोग अक्सर अपना पुराना फोन बेच देते हैं या एक्सचेंज कर देते हैं. लेकिन जल्दबाजी में की गई एक छोटी गलती आपकी निजी जानकारी को साइबर अपराधियों तक पहुंचा सकती है. फोन में मौजूद फोटो, वीडियो, बैंकिंग ऐप्स, पासवर्ड और निजी चैट्स अगर सही तरीके से डिलीट न किए जाएं, तो बाद में बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है. साइबर एक्सपर्ट्स भी चेतावनी देते हैं कि फोन बेचने से पहले डेटा पूरी तरह साफ करना बेहद जरूरी है.
सबसे पहले हटाएं Google और सोशल मीडिया अकाउंट
फोन बेचने से पहले अपने सभी अकाउंट्स को लॉग आउट करना सबसे जरूरी कदम माना जाता है. इसमें Google अकाउंट, Gmail, Facebook, Instagram और अन्य सोशल मीडिया ऐप्स शामिल हैं. अगर अकाउंट फोन में लॉग-इन रह जाते हैं, तो नया यूजर आपकी ईमेल, फोटो और निजी जानकारी तक पहुंच सकता है.
इसके अलावा बैंकिंग और UPI ऐप्स को सिर्फ डिलीट करना काफी नहीं होता. कई लोग ऐप हटाकर समझते हैं कि डेटा सुरक्षित हो गया, लेकिन अकाउंट लॉग आउट करना भूल जाते हैं. यही गलती बाद में साइबर फ्रॉड की वजह बन सकती है.
Factory Reset करना क्यों है जरूरी?
फोन का पूरा डेटा हटाने के लिए “Factory Reset” सबसे जरूरी स्टेप माना जाता है. इससे फोन की फाइलें, सेटिंग्स और सेव डेटा पूरी तरह हट जाता है और डिवाइस नए फोन जैसा हो जाता है.
साथ ही फोन में लगा SD कार्ड और सिम कार्ड निकालना भी बेहद जरूरी है. SD कार्ड में अक्सर फोटो, वीडियो और जरूरी डॉक्यूमेंट सेव रहते हैं. कई लोग गलती से इन्हें फोन के साथ ही दे देते हैं, जिससे निजी डेटा लीक होने का खतरा बढ़ जाता है.
WhatsApp चैट और बैकअप भी करें सुरक्षित
फोन बेचने से पहले WhatsApp और अन्य मैसेजिंग ऐप्स का बैकअप सुरक्षित जगह सेव कर लें. इसके बाद ऐप से लॉग आउट करके डेटा हटाएं. कई बार पुराने चैट्स और मीडिया फाइलें रिकवर की जा सकती हैं, इसलिए इन्हें पूरी तरह साफ करना जरूरी है.
पासवर्ड और ट्रैकिंग फीचर हटाना न भूलें
फोन में सेव पासवर्ड, ऑटो-फिल डेटा और ब्राउज़र हिस्ट्री भी हटानी चाहिए. इसके अलावा “Find My Device” या “Find My iPhone” जैसी ट्रैकिंग सर्विस बंद करना भी बेहद जरूरी होता है. अगर ये फीचर ऑन रह जाएं, तो नया यूजर फोन एक्टिवेट करने में दिक्कत झेल सकता है.
छोटी लापरवाही बन सकती है बड़ी मुसीबत
साइबर रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई ऑनलाइन फ्रॉड सिर्फ इसलिए होते हैं क्योंकि लोग पुराने स्मार्टफोन को बिना सही तरीके से साफ किए बेच देते हैं. थोड़ी सावधानी और सही प्रोसेस अपनाकर आप अपनी निजी जानकारी को सुरक्षित रख सकते हैं और किसी भी साइबर धोखाधड़ी से बच सकते हैं.
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