Last Updated Jan - 30 - 2026, 05:03 PM | Source : Fela News
आम बजट 2026 से इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर को लेकर इंडस्ट्री में उम्मीदें बढ़ी हैं।नीतिगत समर्थन, टैक्स राहत और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश पर सभी की नजर बनी हुई है।
केंद्रीय बजट 2026 से पहले इलेक्ट्रिक व्हीकल यानी ईवी सेक्टर को लेकर ऑटोमोबाइल और ऊर्जा उद्योग में चर्चाएं तेज हो गई हैं। भारत में ईवी को भविष्य की परिवहन व्यवस्था माना जा रहा है और सरकार भी स्वच्छ ऊर्जा तथा कार्बन उत्सर्जन घटाने की दिशा में लगातार जोर देती रही है। ऐसे में सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या आम बजट 2026 में ईवी सेक्टर को अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलेगा।
उद्योग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, ईवी निर्माताओं को इस बार टैक्स स्ट्रक्चर में राहत की उम्मीद है। खासतौर पर इलेक्ट्रिक वाहनों और उनके कंपोनेंट्स पर जीएसटी को लेकर लंबे समय से मांग की जा रही है कि इसे और तर्कसंगत बनाया जाए। इंडस्ट्री का मानना है कि टैक्स में किसी भी तरह की राहत से ईवी की कीमतें कम हो सकती हैं, जिससे ग्राहकों की पहुंच बढ़ेगी।
इस बीच, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर भी बजट से बड़ी उम्मीदें जताई जा रही हैं। फिलहाल देश के कई हिस्सों में चार्जिंग स्टेशनों की कमी ईवी अपनाने में बड़ी बाधा मानी जाती है। बताया जा रहा है कि उद्योग सरकार से सार्वजनिक और निजी चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार के लिए विशेष बजटीय प्रावधान की मांग कर रहा है।
वहीं दूसरी ओर, बैटरी मैन्युफैक्चरिंग और लोकल सप्लाई चेन को मजबूत करने पर भी फोकस रहने की संभावना है। प्रशासन का कहना है कि घरेलू स्तर पर बैटरी उत्पादन बढ़ने से न केवल लागत घटेगी, बल्कि आयात पर निर्भरता भी कम होगी। ऐसे में बजट 2026 में प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव जैसी योजनाओं को और विस्तार मिलने की संभावना जताई जा रही है।
ऑटो इंडस्ट्री से जुड़े जानकारों का मानना है कि यदि सरकार ईवी सेक्टर को स्पष्ट और दीर्घकालिक नीति संकेत देती है, तो निवेशकों का भरोसा और मजबूत होगा। इसके साथ ही स्टार्टअप्स और नई कंपनियों को भी आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
फिलहाल, आम बजट 2026 को ईवी सेक्टर के लिए निर्णायक माना जा रहा है। अब यह देखना अहम होगा कि सरकार किन प्राथमिकताओं के साथ बजट पेश करती है और क्या इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को लेकर इंडस्ट्री की अपेक्षाएं पूरी हो पाती हैं या नहीं।
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