Last Updated Jan - 16 - 2026, 04:51 PM | Source : Fela News
Google का Gemini अब यूज़र की अनुमति से Gmail और Photos से जानकारी ले सकेगा, लेकिन संवेदनशील रिश्तों और भावनात्मक सवालों में इसकी सीमाएं सामने आ रही हैं.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दौड़ में Google ने अपने चैटबॉट Gemini को और ज्यादा स्मार्ट बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है. कंपनी ने Gemini के लिए Personalised Intelligence नाम का नया फीचर पेश किया है, जिसके जरिए यह AI अब यूज़र की अनुमति से Gmail, Google Photos जैसे ऐप्स से जानकारी लेकर ज्यादा सटीक और पर्सनल जवाब दे सकेगा. Google का दावा है कि इस अपडेट से Gemini एक सामान्य चैटबॉट से आगे बढ़कर पर्सनल डिजिटल असिस्टेंट जैसा अनुभव देगा.
क्या है Personalised Intelligence फीचर ?
इस फीचर के तहत Gemini आपके कनेक्ट किए गए Google ऐप्स में मौजूद जानकारी को संदर्भ के तौर पर इस्तेमाल करता है. उदाहरण के तौर पर, अगर आप अपनी गाड़ी का नंबर, किसी ट्रैवल की तारीख या पुराने बिल की जानकारी भूल गए हैं, तो Gemini आपकी Gmail या Photos में मौजूद डेटा को देखकर तुरंत जवाब दे सकता है. इससे यूज़र को बार-बार फाइलें खंगालने या ईमेल सर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
डेटा प्राइवेसी पर Google का क्या कहना है?
डेटा सुरक्षा को लेकर उठने वाले सवालों पर Google ने साफ किया है कि Gemini आपकी निजी जानकारी से खुद को ट्रेन नहीं करता. यानी AI आपकी Photos या ईमेल को याद रखकर भविष्य में इस्तेमाल नहीं करेगा. यह सिर्फ उसी समय जानकारी का संदर्भ लेगा, जब आप सवाल पूछेंगे. साथ ही, Gemini यह भी बताएगा कि उसने जवाब के लिए कौन-से ऐप या स्रोत का इस्तेमाल किया है, जिससे ट्रांसपेरेंसी बनी रहे.
कहां फेल हो रहा है Gemini ?
हालांकि Google ने माना है कि Personalised Intelligence हर मामले में परफेक्ट नहीं है. खासतौर पर रिश्तों, भावनाओं और संवेदनशील निजी फैसलों से जुड़े सवालों में Gemini अब भी पूरी तरह भरोसेमंद नहीं है. AI डेटा के आधार पर जवाब तो दे सकता है, लेकिन इंसानी भावनाओं, संदर्भ और जटिल रिश्तों की बारीकियों को समझने में यह अभी भी पीछे है. इसी वजह से Google यूज़र्स को ऐसे मामलों में AI पर पूरी तरह निर्भर न रहने की सलाह देता है.
कैसे करें इस फीचर का इस्तेमाल?
Gemini का यह फीचर फिलहाल बीटा स्टेज में है और अमेरिका में Google Al Pro व Al Ultra सब्सक्रिप्शन लेने वाले यूज़र्स के लिए उपलब्ध है. इसे चालू करने के लिए Gemini की Settings में जाकर Personalised Intelligence ऑप्शन चुनना होगा. यहां से यूज़र तय कर सकता है कि Gmail या Photos में से कौन-सा ऐप कनेक्ट करना है.
यूज़र के हाथ में रहेगा पूरा कंट्रोल
Google के मुताबिक, यूज़र जब चाहें ऐप्स को डिस्कनेक्ट कर सकते हैं, चैट हिस्ट्री डिलीट कर सकते हैं और डेटा एक्सेस बंद कर सकते हैं. यानी सुविधा बढ़ी है, लेकिन कंट्रोल अब भी पूरी तरह यूज़र के पास ही रहेगा.
कुल मिलाकर, Gemini का यह नया फीचर AI को ज्यादा पर्सनल जरूर बनाता है, लेकिन यह भी साफ करता है कि इंसानी समझ और भावनाओं की जगह AI अभी नहीं ले सकता.