Last Updated Jan - 14 - 2026, 04:26 PM | Source : Fela News
ऑनलाइन फ्रॉड के खिलाफ केंद्र सरकार की बड़ी कार्रवाई, 86 लाख फर्जी सिम ब्लॉक किए गए, 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा की साइबर ठगी रोकी गई।
भारत में तेजी से बढ़ते डिजिटल इस्तेमाल के बीच साइबर ठगी एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है। ऑनलाइन पेमेंट, UPI, मोबाइल बैंकिंग और सोशल मीडिया के जरिए हर दिन हजारों लोग ठगों के निशाने पर आ रहे थे। इसी खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने साइबर अपराध के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी डिजिटल कार्रवाई को अंजाम दिया है, जिसे एक तरह की "डिजिटल सर्जिकल स्ट्राइक" माना जा रहा है।
सरकार ने बीते छह महीनों में साइबर फ्रॉड के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए 86 लाख से ज्यादा फर्जी और संदिग्ध सिम कार्ड ब्लॉक कर दिए हैं। इस अभियान की बदौलत ऑनलाइन ठगों के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। दूरसंचार विभाग के अनुसार, इस कार्रवाई से आम नागरिकों के 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम को साइबर अपराधियों के हाथों में जाने से रोका गया है।
दूरसंचार विभाग ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए बताया कि भारत आज डिजिटल क्रांति के एक मजबूत दौर में है। देश में मोबाइल डेटा की औसत कीमत करीब 8.27 रुपये प्रति जीबी है, जो दुनिया के कई विकसित देशों की तुलना में बेहद सस्ती है। सस्ता इंटरनेट और स्मार्टफोन की बढ़ती पहुंच ने डिजिटल सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाया है, लेकिन इसके साथ ही साइबर अपराध का खतरा भी तेजी से बढ़ा है।
सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, 2022 में 5G सेवाओं की शुरुआत के बाद भारत में डिजिटल कनेक्टिविटी में बड़ा उछाल आया है। अब तक 5G यूजर्स की संख्या 40 करोड़ के पार पहुंच चुकी है। इसके साथ ही देश में कुल टेलीकॉम यूजर्स की संख्या 123 करोड़ से अधिक हो गई है, जिससे भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा टेलीकॉम बाजार बन गया है।
दूरसंचार विभाग का कहना है कि साइबर ठग फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल कर लोगों को कॉल, मैसेज और फर्जी लिंक भेजते थे। इन्हीं सिम कार्ड्स के जरिए बैंक फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, KYC अपडेट और लॉटरी जैसे झांसे दिए जाते थे। 86 लाख से ज्यादा सिम ब्लॉक होने से ठगों के लिए नेटवर्क बनाना अब काफी मुश्किल हो गया है।
सरकार का मानना है कि डिजिटल इंडिया को सुरक्षित बनाने के लिए यह कार्रवाई बेहद जरूरी थी। आने वाले समय में सिम वेरिफिकेशन, डिजिटल पहचान और साइबर मॉनिटरिंग को और मजबूत किया जाएगा। सरकार ने लोगों से भी अपील की है कि वे किसी अनजान कॉल, लिंक या मैसेज पर भरोसा न करें और साइबर फ्रॉड की शिकायत तुरंत संबंधित हेल्पलाइन पर दर्ज कराएं।