Last Updated Aug - 19 - 2025, 12:13 PM | Source : Fela News
आम तौर पर फ्लाइट मोड मोबाइल में हवाई यात्रा के दौरान इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन यह रोज़मर्रा की जिंदगी में भी काम आता है। आइए जानते हैं इसका उपयोग कहां होता ह
आज शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जो स्मार्टफोन का इस्तेमाल नहीं करता। लेकिन स्मार्टफोन में कई ऐसे फीचर्स होते हैं जिनके बारे में हम अनजान रहते हैं, जबकि ये हमारे लिए काफी काम के होते हैं। इनमें से एक है फ्लाइट मोड, जिसे एयरप्लेन मोड भी कहा जाता है। फ्लाइट में सफर करने वाले यात्रियों को अक्सर टेक-ऑफ से पहले फोन में फ्लाइट मोड ऑन करने के लिए कहा जाता है। आइए जानते हैं इसका कारण और अगर इसका इस्तेमाल न करें तो क्या हो सकता है।
फ्लाइट मोड क्या है
फ्लाइट मोड एक सेटिंग है जो आपके फोन के वायरलेस सिग्नल्स जैसे सेलुलर नेटवर्क, वाई-फाई और ब्लूटूथ को बंद कर देता है। यानी फ्लाइट मोड ऑन करते ही आपका सिम नेटवर्क काम नहीं करता। इसका उद्देश्य हवाई जहाज के नेविगेशन और संचार सिस्टम में किसी भी संभावित हस्तक्षेप को रोकना है।
हवाई यात्रा में फ्लाइट मोड क्यों जरूरी है
अगर एयरप्लेन मोड का इस्तेमाल न किया जाए, तो मोबाइल सिग्नल विमान के नेविगेशन और रेडियो सिस्टम में रुकावट डाल सकते हैं। इससे पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल के बीच संपर्क में परेशानी हो सकती है और उड़ान की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। भारत में डीजीसीए के निर्देशों के अनुसार सभी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस उड़ान के दौरान फ्लाइट मोड में रखने जरूरी हैं।
फ्लाइट मोड के रोजमर्रा के फायदे