Last Updated Jan - 12 - 2026, 05:29 PM | Source : Fela News
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने पीएम मोदी-ट्रंप की दोस्ती को बताया असली, साथ ही भारत-अमेरिका ट्रेड और रणनीतिक साझेदारी पर दिया अहम अपडेट ।
भारत में पदभार संभालने के बाद नए अमेरिकी राजदूत Sergio Gor ने भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर बड़ा और सकारात्मक बयान दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि भारत जैसा कोई दूसरा देश नहीं है और अमेरिका भारत को केवल एक सहयोगी नहीं, बल्कि एक भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार के रूप में देखता है। गोर के बयान को ऐसे समय में अहम माना जा रहा है, जब दोनों देश ट्रेड डील, टेक्नोलॉजी और वैश्विक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर करीब आ रहे हैं।
सर्जियो गोर ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और प्रधानमंत्री Narendra Modi की दोस्ती का खास तौर पर जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ट्रंप और मोदी के रिश्ते सिर्फ कूटनीतिक औपचारिकता नहीं हैं, बल्कि यह दोस्ती "रियल" है। गोर के मुताबिक, ट्रंप पीएम मोदी को अपना "Dear Friend" मानते हैं और दोनों नेताओं के बीच आपसी भरोसा और सम्मान साफ नजर आता है। यही वजह है कि जब भी भारत-अमेरिका संबंधों की बात होती है, तो यह साझेदारी सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहती।
अपने बयान में गोर ने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर ठोस प्रगति देखने को मिल सकती है। उन्होंने कहा कि दोनों देश सप्लाई चेन, मैन्युफैक्चरिंग और हाई-टेक सेक्टर में मिलकर काम करने के लिए तैयार हैं। खासतौर पर सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भारत की भूमिका को अमेरिका बेहद अहम मानता है।
इसी कड़ी में सर्जियो गोर ने एक बड़ा ऐलान करते हुए बताया कि अमेरिका के नेतृत्व वाली वैश्विक पहल Pax Silica में भारत को पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल होने का निमंत्रण अगले महीने दिया जाएगा। इस पहल को भविष्य की टेक्नोलॉजी, सुरक्षित सप्लाई चेन और डिजिटल इकोसिस्टम के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत की संभावित एंट्री से यह साफ संकेत मिलता है कि अमेरिका भारत को ग्लोबल टेक्नोलॉजी लीडर के रूप में देख रहा है।
कुल मिलाकर, सर्जियो गोर का बयान भारत-अमेरिका रिश्तों में नए उत्साह और भरोसे को दर्शाता है। ट्रंप-मोदी की मजबूत केमिस्ट्री, संभावित ट्रेड डील और पैक्ससिलिका जैसी पहलें यह संकेत दे रही हैं कि आने वाले वर्षों में दोनों देशों की साझेदारी सिर्फ मजबूत ही नहीं, बल्कि और ज्यादा गहरी होने वाली है।