Header Image

500% टैरिफ विवाद के बीच अमेरिकी राजदूत की भारत वापसी क्यों अहम

500% टैरिफ विवाद के बीच अमेरिकी राजदूत की भारत वापसी क्यों अहम

Last Updated Jan - 10 - 2026, 12:34 PM | Source : Fela News

टैरिफ तनाव के बीच अमेरिकी राजदूत की वापसी ने संकेत दिए कि भारत-अमेरिका रिश्तों में पर्दे के पीछे नई बातचीत शुरू हो चुकी है।
500% टैरिफ विवाद के बीच अमेरिकी राजदूत की भारत वापसी क्यों अहम
500% टैरिफ विवाद के बीच अमेरिकी राजदूत की भारत वापसी क्यों अहम

भारत और अमेरिका के रिश्तों के बीच एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। 500 प्रतिशत टैरिफ की धमकी के माहौल के बीच अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की भारत में एंट्री ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। दिल्ली पहुंचते ही उन्होंने कहा कि वापस आकर बहुत अच्छा लग रहा है, लेकिन इस एक लाइन के पीछे छिपे मायने अब चर्चा का विषय बन गए हैं।

हाल ही में अमेरिका की ओर से कुछ देशों पर भारी टैरिफ लगाने की चेतावनी दी गई थी, जिसमें भारत का नाम भी सामने आया। खासतौर पर कुछ सेक्टर्स को लेकर अमेरिका का रुख सख्त बताया जा रहा है। ऐसे समय में अमेरिकी राजदूत का भारत आना सिर्फ एक औपचारिक दौरा नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे डैमेज कंट्रोल और बैकडोर डिप्लोमेसी से जोड़कर देखा जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, भारत और अमेरिका के बीच व्यापार, टेक्नोलॉजी और डिफेंस जैसे मुद्दों पर बातचीत जारी है। टैरिफ की धमकी से पहले ही भारतीय पक्ष अपनी चिंता जता चुका है। ऐसे में राजदूत की मौजूदगी दोनों देशों के बीच सीधे संवाद को आसान बना सकती है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कई अहम बैठकों का दौर शुरू हो सकता है।

राजदूत सर्जियो गोर भारत को अच्छी तरह समझने वाले राजनयिक माने जाते हैं। उनकी वापसी को इस संकेत के तौर पर देखा जा रहा है कि अमेरिका रिश्तों में पूरी तरह टकराव नहीं चाहता। भले ही सार्वजनिक बयान सख्त हों, लेकिन अंदरखाने समाधान की कोशिशें चल रही हैं।

भारत की तरफ से भी अब तक कोई तीखी प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। जानकारों का मानना है कि भारत इस पूरे मुद्दे को रणनीतिक संतुलन के साथ संभालना चाहता है। एक तरफ अपने हितों की रक्षा, तो दूसरी तरफ अमेरिका के साथ लंबे समय से चले आ रहे रिश्तों को नुकसान न पहुंचे, यही कोशिश है।

राजदूत की एंट्री ऐसे वक्त पर हुई है जब वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता बढ़ी हुई है। चीन, रूस और मध्य पूर्व से जुड़े हालात पहले ही अंतरराष्ट्रीय समीकरण बदल रहे हैं। ऐसे में भारत-अमेरिका संबंधों की दिशा आने वाले महीनों में काफी अहम साबित हो सकती है।

अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या 500 प्रतिशत टैरिफ की धमकी सिर्फ दबाव बनाने की रणनीति थी या वाकई कोई बड़ा फैसला आने वाला है। अमेरिकी राजदूत की भारत वापसी ने इतना तो साफ कर दिया है कि बातचीत का दरवाजा अभी बंद नहीं हुआ है।

Share :

Trending this week

ट्रंप-मोदी दोस्ती रियल

Jan - 12 - 2026

भारत में पदभार संभालने के बाद नए अमेरिकी राज... Read More

ईरान की सड़कों से उठा रजा पहलवी का नाम

Jan - 10 - 2026

ईरान इन दिनों गंभीर राजनीतिक और सामाजिक उथल-... Read More

पाकिस्तान ने ट्रंप को दी चौंकाने वाली सलाह

Jan - 10 - 2026

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक बार फिर... Read More