Last Updated Feb - 05 - 2026, 10:58 AM | Source : Fela News
न्यूमरो-वास्तु एक्सपर्ट उमिका शर्मा बता रही हैं कि घर में किचन किस दिशा में होना शुभ होता है और किन गलतियों से बचना चाहिए, ताकि घर में सुख, समृद्धि और सकारात्मक
आज की वास्तु टिप्स न्यूमरो-वास्तु एक्सपर्ट उमिका जी के द्वारा।
आज हम बात करेंगे ,घर में किचन किस दिशा में होनी चाहिए वास्तु के अनुसार। कौन सी दिशा ला सकती है, आपके घर में लक्ष्मीजी का वास?किस दिशा का रसोईघर आपके लिए होगा फलदायी?आइये जानते हैं कुछ उपाय।
वास्तु के अनुसार किचन की दिशा:-
वास्तु शास्त्र के अनुसार, किचन के लिए सबसे आदर्श स्थान घर का दक्षिण-पूर्व (आग्नेय कोण) (पूर्व और दक्षिण के बीच) है। यह अग्नि तत्व का स्थान है, जो स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। यदि दक्षिण-पूर्व उपलब्ध न हो, तो दूसरा सबसे अच्छा विकल्प उत्तर-पश्चिम (वायव्य कोण) है।
सावधानियाँ जो रसोई घर बनाते समय ध्यान रखनी चाहिए।उसके कुछ टिप्स इस प्रकार हैं।
1)उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में रसोई कभी न बनाएं, क्योंकि यह पूजा स्थान के लिए उत्तम है।
2)दक्षिण-पश्चिम दिशा में किचन न बनाएं, क्योंकि इससे आर्थिक बाधा आ सकती है।
3)रसोई के नीचे या ऊपर शौचालय (toilet) नहीं होना चाहिए।
4)दरवाजे और खिड़कियां केवल एक ही दिशा (पूर्व या उत्तर) में रखें, दो विपरीत दिशाओं में नहीं।
इन सभी छोटी छोटी बातों का ध्यान रखकर आप भी पा सकते है देवी लक्ष्मी की कृपा और घर में सुख शांति।
ऊर्जा नमन
उमिका शर्मा
न्यूमरो-वास्तु एक्सपर्ट
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