Last Updated Aug - 22 - 2025, 01:21 PM | Source : Fela News
एक दुखद घटना में, 10वीं कक्षा के एक लड़के की चाकू मारकर हत्या के बाद दुखी स्कूल ने एम्बुलेंस की व्यवस्था करने के बजाय खून साफ करने के लिए पानी का टैंकर बुलाया
अहमदाबाद के एक निजी स्कूल में हुई दिल दहला देने वाली घटना ने लोगों में आक्रोश फैला दिया है। माता-पिता का आरोप है कि प्रशासन ने कक्षा 10 के छात्र को जान बचाने वाली चिकित्सकीय सहायता देने में देरी की, जिसके बाद उसकी जान चली गई।
पीड़ित, नयन संतानी, पर मंगलवार को सेवेंथ डे एडवेंटिस्ट हायर सेकेंडरी स्कूल में हमला हुआ। आरोप है कि स्कूल ने एंबुलेंस बुलाने के बजाय खून साफ करने के लिए पानी का टैंकर मंगवाया, जिससे मामला छुपाने और आपराधिक लापरवाही के आरोप लगे। जांच में खुलासा हुआ कि घायल छात्र को अस्पताल पहुंचाने में 30 मिनट की देरी हुई, तब तक वह गंभीर रक्तस्राव के कारण दम तोड़ चुका था।
गुस्साए अभिभावक और स्थानीय निवासी स्कूल के बाहर जमा हो गए और भारी प्रदर्शन किया। इसके बाद दंगा और तोड़फोड़ के आरोप में 500 से अधिक लोगों पर मामला दर्ज किया गया। कानून प्रवर्तन एजेंसियों और शिक्षा विभाग ने स्कूल की निष्क्रियता, एंबुलेंस में देरी और सबूत मिटाने के प्रयास (कैम्पस को धोने) की औपचारिक जांच शुरू कर दी है।
क्राइम ब्रांच और जिला शिक्षा कार्यालय के अधिकारी सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल संचार और स्कूल स्टाफ तथा खोकरा पुलिस के आचरण की जांच कर रहे हैं, जिन्होंने कथित तौर पर फोरेंसिक विशेषज्ञों को करीब 12 घंटे तक रोके रखा। इस मामले में फिलहाल दो नाबालिगों से पूछताछ की जा रही है।
इस दुखद घटना ने स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था, त्वरित चिकित्सकीय सहायता और संस्थानों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पूरा शहर देख रहा है कि इस बड़ी लापरवाही से क्या सबक लिया जाएगा।