Last Updated Feb - 28 - 2026, 11:21 AM | Source : Fela News
बिहार के जमुई जिले में पेंशन पैसे को लेकर साले और जीजा में विवाद बढ़ा, साले ने क्रोधित होकर तवे से हमला कर जीजा की मौत कर दी।
बिहार के जमुई जिले में एक घरेलू विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया, जब पैशन के पैसे को लेकर साला (साला) और जीजा (जीजा) के बीच विवाद इतनी तेजी से बढ़ा कि साले ने क्रोध में आकर जीजा की जान ले ली। यह घटना गांव के सादे जीवन में अचानक हुई एक दर्दनाक वारदात बनकर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मोगलचपरी गांव में रहने वाले 63 वर्षीय कालीचरण भुइया रिटायर कोयला खदान कर्मचारी थे और हाल ही में वह अपनी पेंशन मिलने के बाद कुछ पैसे अपने परिवार के साथ साझा कर रहे थे। उसी पेंशन को लेकर उनके और उनके साले, तोता मांझी, के बीच बातचीत शुरू हुई। पैसे के खर्च और बाँटने को लेकर तकरार के बाद दोनों के बीच तीखा वाद-विवाद हो गया।
शुरुआत में यह विवाद केवल बोलचाल की बहस तक ही सीमित था. लेकिन जल्द ही यह बढ़कर हिंसक मारपीट में बदल गया। कथित तौर पर साला और जीजा के बीच बढ़ते विवाद के दौरान झगड़ा इतना भड़क गया कि तोता मांझी ने घर में रखा रोटी बनाने वाला तवा उठाया और कालीचरण भुइयां पर हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से कालीचरण घटनास्थल पर ही अपनी मौत को प्राप्त हो गए।
घटना के तुरंत बाद परिजन और गांववाले चक्कर खा गए, और उन्होंने पुलिस को सूचित कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल व्यक्ति को अस्पताल ले जाने का प्रयास किया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण वह बच नहीं पाँए। पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल जमुई भेज दिया। वहीं, आरोपित साला तोता मांझी मौके से भाग निकला और फिलहाल वह फरार है। पुलिस उसकी तलाश करने के लिए आसपास के संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
जमुई के सोनो थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरु कर दी है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों को एकत्रित किया जा रहा है ताकि साले की गिरफ्तारी की जा सके। पुलिस अधिकारी ने बताया कि पेंशन को लेकर विवाद जैसी मामूली बात भी जब हाथापाई और हमला तक पहुंच जाती है, तो यह सामाजिक संरचना और घरेलू तनाव के स्तर पर गंभीर प्रश्न उठाता है।
घरेलू विवादों के कारण हत्या की घटनाएं ग्रामीण इलाकों में समय-समय पर सामने आती रहती है। अक्सर आर्थिक मुद्दों, पारिवारिक तनाव और बातचीत में नाकाम रहने के कारण मामूली विवाद भी हिंसा में बदल जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के विवादों में समय रहते सामूहिक संवाद और समझौते की कोशिश नहीं की जाती है, जिससे स्थिति और बिगड़ जाती है।
यह मामला एक बार फिर यह याद दिलाता है कि घरेलू विवादों को बढ़ने से रोकने के लिए समय रहते अधिकारियों और समुदाय के बीच संवाद स्थापित करना आवश्यक है। परिवार के सदस्यों को आर्थिक मुद्दों पर आपसी बातचीत और समझौते के लिए खुलकर बात करनी चाहिए, खासकर जब पेंशन जैसे संवेदनशील विषय शामिल हों।
जमुई पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और जल्द ही आरोपी साले को गिरफ्तार करने का दावा कर रही है। स्थानीय प्रशासन ने इस प्रकार की हिंसा की कड़ी निंदा की है और लोगों से संयम बनाए रखने की अपील की है।
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