Last Updated Feb - 27 - 2026, 01:03 PM | Source : Fela News
लखनऊ के आशियाना इलाके में कारोबारी पिता की हत्या के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। 50 लाख रुपये के विवाद और पारिवारिक तनाव के बाद बेटे ने राइफल से गोली मार दी।
लखनऊ के आशियाना इलाके में हुए सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। 49 वर्षीय कारोबारी मानवेंद्र सिंह की हत्या के मामले में जो तथ्य सामने आए हैं, वे पारिवारिक रिश्तों के टूटते ताने-बाने की भयावह तस्वीर पेश करते हैं। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि इस वारदात के पीछे 50 लाख रुपये को लेकर उपजा विवाद और लंबे समय से चल रहा पारिवारिक तनाव बड़ी वजह बना।
मानवेंद्र सिंह पैथोलॉजी संचालक होने के साथ-साथ देसी शराब के ठेके का कारोबार भी करते थे। वह अपने बेटे अक्षत और बेटी कृति के साथ मकान के ऊपरी हिस्से में रहते थे। 20 फरवरी की तड़के करीब 4:30 बजे उन्हें गोली मार दी गई। शुरुआती जांच में पुलिस को शक हुआ, लेकिन पूछताछ के दौरान बेटे अक्षत ने हत्या की बात स्वीकार कर ली।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, घर में लगभग 50 लाख रुपये नकद रखे थे। कुछ रकम कम पाई गई, जिस पर मानवेंद्र को बेटे पर शक हुआ। इससे पहले भी अक्षत पर ब्रेसलेट और अंगूठी चोरी करने का आरोप लगा था, जो बाद में उसी के पास से बरामद हुए थे। रुपये गायब होने के शक में पिता ने बेटे को थप्पड़ मारे थे और गुस्से में उसे गोली मारने तक की धमकी दी थी। बताया जा रहा है कि इसी घटना ने अक्षत के मन में गहरी नाराजगी और प्रतिशोध की भावना भर दी।
हत्या वाली रात पिता, बेटा और बेटी एक ही कमरे में सोए थे। पुलिस के अनुसार अक्षत सोने का नाटक करता रहा। मानवेंद्र देर रात तक मोबाइल पर सक्रिय थे। जैसे ही उन्हें नींद आई, अक्षत उठा और घर में मौजूद राइफल से गोली चला दी। गोली उस दिशा से चलाई गई, जहां बहन कृति सो रही थी। गोली की आवाज से वह जाग गई, लेकिन सदमे और डर के कारण कुछ समझ नहीं पाई।
पुलिस ने कृति से पूछताछ के लिए काउंसलर्स की मदद ली। उसने बताया कि घटना के बाद वह बेहद घबरा गई थी। उसे डर था कि पिता के बाद अब भाई भी जेल चला जाएगा तो उसका सहारा कौन होगा।
जांच के दौरान एक और पहलू सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, मानवेंद्र की एक महिला से नजदीकियों को लेकर घर में पहले भी विवाद होते रहे थे। अक्षत को लगता था कि पारिवारिक तनाव और विवाद के कारण उसकी मां ने आत्महत्या की थी। इस बात को लेकर उसके मन में पिता के प्रति गुस्सा गहराता जा रहा था।
फिलहाल अक्षत को अस्पताल में निगरानी में रखा गया है। जेल प्रशासन के अनुसार उसने घबराहट की शिकायत की थी, हालांकि डॉक्टरों ने उसकी स्थिति सामान्य बताई है। पुलिस कॉल डिटेल्स और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है, ताकि मामले के सभी पहलुओं को स्पष्ट किया जा सके।
यह घटना न केवल एक परिवार के बिखरने की कहानी है, बल्कि यह भी दिखाती है कि आर्थिक विवाद और संवादहीनता किस तरह त्रासदी का रूप ले सकती है।
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