Last Updated Feb - 04 - 2026, 11:22 AM | Source : Fela News
गाजियाबाद की एक सोसायटी में तीन नाबालिग बहनों की मौत ने इलाके को झकझोर दिया। पुलिस ऑनलाइन गतिविधियों सहित सभी पहलुओं की जांच कर रही है, कारण अब तक स्पष्ट नहीं।
गाजियाबाद के टीला मोड़ थाना क्षेत्र स्थित भारत सिटी सोसायटी में आधी रात हुई एक दुखद घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। एक ही परिवार की तीन नाबालिग बहनों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना देर रात करीब 2 बजे की बताई जा रही है। तेज आवाज सुनकर सोसायटी के लोग बाहर निकले, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों बहनों को नीचे पाया और तत्काल जांच शुरू कर दी।
मृतकों की पहचान निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12) के रूप में हुई है। तीनों सगी बहनें थीं और परिवार के साथ नौवीं मंजिल पर स्थित फ्लैट में रहती थीं। घटना के बाद परिवार सदमे में है और पड़ोसियों में भी गहरा आक्रोश और दुख देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, तीनों बहनें अक्सर साथ रहती थीं और उनका आपसी लगाव बहुत गहरा था।
पुलिस ने प्रारंभिक जांच में किसी स्पष्ट कारण की पुष्टि नहीं की है। हालांकि, परिजनों ने बताया कि कोरोना काल के दौरान तीनों को मोबाइल गेमिंग की आदत लग गई थी। वे कथित तौर पर ऑनलाइन टास्क - आधारित गेम खेलती थीं। पुलिस अब मोबाइल फोन, इंटरनेट हिस्ट्री, चैट्स और डिजिटल गतिविधियों की फॉरेंसिक जांच कर रही है ताकि यह समझा जा सके कि कहीं ऑनलाइन गतिविधियों का इस घटना से कोई संबंध तो नहीं।
पिता चेतन कुमार ने बताया कि उनकी बेटियां पढ़ाई में ठीक थीं, लेकिन लॉकडाउन के दौरान मोबाइल का उपयोग बढ़ गया था। उन्होंने कहा कि परिवार को समझ नहीं आ रहा कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि बेटियों ने इतना बड़ा कदम उठा लिया। पुलिस ने बताया कि स्कूल उपस्थिति भी नियमित नहीं थी, जिसे जांच का एक हिस्सा बनाया गया है।
घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि घटना से पहले या बाद में कोई बाहरी गतिविधि तो नहीं हुई। फिलहाल मामले को संवेदनशील मानते हुए हर एंगल से जांच की जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर बच्चों और किशोरों में बढ़ती डिजिटल निर्भरता, मानसिक स्वास्थ्य और अभिभावकीय निगरानी जैसे गंभीर मुद्दों को सामने ला दिया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि किशोरावस्था में भावनात्मक उतार-चढ़ाव ज्यादा होते हैं और इस दौरान डिजिटल दुनिया का प्रभाव भी गहरा पड़ सकता है। ऐसे में संवाद, निगरानी और समय पर काउंसलिंग बेहद जरूरी हो जाती है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की अफवाह या अपुष्ट जानकारी सोशल मीडिया पर साझा न करें। जांच पूरी होने तक आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जाए। यदि आप या आपका कोई परिचित मानसिक तनाव से गुजर रहा है, तो नजदीकी स्वास्थ्य विशेषज्ञ, विश्वसनीय व्यक्ति या हेल्पलाइन से संपर्क करना महत्वपूर्ण है। समय पर मदद लेना जीवन बचा सकता है।
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