Last Updated May - 18 - 2026, 12:16 PM | Source : Fela News
8th Pay Commission Update: 49वीं JCM बैठक में पुरानी पेंशन योजना को लेकर बड़ा मुद्दा उठा. 2004 के बाद भर्ती कुछ केंद्रीय कर्मचारियों को OPS का फायदा देने की मांग से लाखों कर्मचारियों की उम्मीदें बढ़ गई हैं.
8th Pay Commission News:8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों के बीच हलचल तेज हो गई है. नेशनल काउंसिल-ज्वॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की 49वीं बैठक में पुरानी पेंशन योजना यानी OPS को लेकर बड़ा मुद्दा उठाया गया. इस बैठक में कर्मचारियों की कई लंबित मांगों पर चर्चा हुई, लेकिन सबसे ज्यादा ध्यान OPS को लेकर हुई बहस ने खींचा. अब लाखों कर्मचारियों को उम्मीद है कि सरकार जल्द इस पर बड़ा फैसला ले सकती है.
OPS को लेकर बड़ी मांग
बैठक में कर्मचारी संगठनों ने मांग रखी कि 22 दिसंबर 2023 से पहले निकली भर्तियों में चयनित कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जाए. कर्मचारी प्रतिनिधियों का कहना था कि कई मामलों में भर्ती प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं हो सकी और प्रशासनिक देरी के कारण कर्मचारियों की जॉइनिंग 2004 के बाद हुई. ऐसे में कर्मचारियों को नई पेंशन योजना (NPS) में डालना उनके साथ अन्याय होगा.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, व्यय विभाग और पेंशन विभाग ने इस मांग पर सकारात्मक रुख दिखाया है. अगर सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो हजारों कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिल सकता है.
अनुकंपा नियुक्ति वालों के लिए भी राहत की मांग
बैठक में अनुकंपा नियुक्ति को लेकर भी बड़ा मुद्दा उठाया गया. कर्मचारी संगठनों ने कहा कि जिन सरकारी कर्मचारियों की मौत 2003 या उससे पहले हो गई थी और उनके आश्रितों ने कटऑफ डेट से पहले आवेदन कर दिया था, उन्हें भी OPS का लाभ मिलना चाहिए. इस मांग को लेकर कर्मचारी संगठनों ने सरकार पर जल्द फैसला लेने का दबाव बनाया.
बैठक में उठे कई बड़े मुद्दे
11 मई को हुई इस अहम बैठक की अध्यक्षता कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन ने की. इसमें DoPT, रेलवे, रक्षा, स्वास्थ्य और कई मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए. कर्मचारियों की तरफ से प्रमोशन, मेडिकल रीइम्बर्समेंट, पेंशन और अन्य सुविधाओं को लेकर भी कई मुद्दे रखे गए. कर्मचारी संगठनों का कहना है कि इन मांगों को 8वें वेतन आयोग के तहत शामिल किया जाना चाहिए.
क्या है पुरानी पेंशन योजना?
पुरानी पेंशन योजना सरकारी कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद वित्तीय सुरक्षा देती है. इस योजना के तहत कर्मचारी को उसकी आखिरी सैलरी का 50 प्रतिशत हिस्सा पेंशन के रूप में मिलता है. इसमें बाजार का कोई जोखिम नहीं होता. वहीं नई पेंशन योजना यानी NPS शेयर बाजार से जुड़ी होने के कारण पूरी तरह गारंटीड नहीं मानी जाती.
अब कर्मचारियों की नजर सरकार के अगले फैसले पर टिकी है. अगर OPS को लेकर मांग मान ली जाती है, तो यह लाखों केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है.
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